Rabies Symptoms: एक 14 वर्षीय बच्चे को कुत्ते के काटने के बाद वो डॉग की तरह व्यवहार करने लगा। यह कोई चमत्कार या अंधविश्वास नहीं, बल्कि रेबीज (Rabies) की अंतिम अवस्था है। आइए, डॉक्टर बाबूलाल वर्मा (फिजिशियन) से जानते हैं इस वायरल वीडियो का सच क्या है।
Rabies Symptoms: क्या आपने कभी सोचा है कि क्या सच में एक इंसान कुत्ते की तरह भौंक सकता है या उसकी तरह व्यवहार कर सकता है? सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी लग सकती है, लेकिन एक 14 साल के बच्चा के साथ जो हुआ, उसने सबको झकझोर कर रख दिया है। कुत्ते के काटने की बात छिपाने के बाद इस बच्चे में ऐसे बदलाव आए कि वह पूरी तरह अपना मानसिक संतुलन खो बैठा और कुत्तों जैसी हरकतें करने लगा।
आइए, डॉक्टर बाबूलाल वर्मा (फिजिशियन) से जानते हैं कि इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है।
ये उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले का मामला बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले उसे एक कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन उस समय परिवार ने रेबीज के सभी इंजेक्शन नहीं लगवाए। इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि बच्चे का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और उसकी आवाज पूरी तरह बदल गई। वह अनियंत्रित होकर बिल्कुल कुत्तों की तरह भौंकने लगा।
जब रेबीज का वायरस इंसान के दिमाग तक पहुंचता है, तो शरीर के अंगों पर से उसका नियंत्रण खत्म हो जाता है। मरीज की आवाज भारी हो जाती है और गले की मांसपेशियों में तीव्र खिंचाव (Spasms) के कारण वह जब चिल्लाता है, तो वह आवाज भौंकने जैसी सुनाई देती है। असल में, यह वायरस न्यूरॉन्स को नष्ट कर देता है, जिससे इंसान हिंसक हो जाता है और दूसरों को काटने दौड़ता है।
रेबीज का वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद अपना असर दिखाने में 3 हफ्ते से लेकर 1 साल तक का समय ले सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कुत्ते ने दिमाग से कितनी दूरी पर काटा है। घाव मस्तिष्क के जितना करीब होगा, लक्षण उतनी ही जल्दी सामने आएंगे।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पद्धति से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।