स्वास्थ्य

RO Water Side Effects: आप भी पी रहे हैं डेड वॉटर, RO पानी को लेकर डॉक्टर क्यों कहते हैं ऐसा?

RO Water Side Effects In Hindi : RO (Reverse Osmosis) पानी की अशुद्धियों के साथ-साथ शरीर के लिए जरूरी प्राकृतिक खनिज (Minerals) जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम को भी छान देता हैं। आइए डॉक्टर राजीव चौधरी से जानते हैं की RO का पानी क्यों नहीं पीना चाहिए और इसके क्या नुकसान होते हैं?
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Updated: 14 Apr 2026, 2:55 PM IST
RO water Side effect
RO water Side effect (Image- gemini)

RO Water Side Effects: आज के समय में शुद्ध पानी के नाम पर लगभग हर घर में RO (Reverse Osmosis) सिस्टम लगा हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस पानी को आप सबसे सुरक्षित मानकर पी रहे हैं, वही आपके शरीर को धीरे-धीरे खोखला कर रहा है।

RO सिस्टम पानी को साफ करने के लिए मेम्ब्रेन का इस्तेमाल करता है। इसमें पानी की अशुद्धियों के साथ-साथ शरीर के लिए जरूरी प्राकृतिक खनिज (Minerals) जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम भी छन जाते हैं। इसे वैज्ञानिक भाषा में डेड वॉटर (Dead Water) कहा जाता है।

आइए डॉक्टर राजीव चौधरी से जानते हैं की RO का पानी क्यों नहीं पीना चाहिए और इसके क्या नुकसान होते हैं?

क्यों नहीं पीना चाहिए RO का पानी?

RO पानी का टीडीएस (TDS) बहुत कम कर देता है। बिना मिनरल्स वाला पानी पीने से शरीर की हड्डियों और दांतों में कमजोरी आने लगती है। RO का पानी लगातार पीने वाले लोगों में विटामिन B12 की भारी कमी हो जाती है, जिससे थकान और कमजोरी बनी रहती है।

RO का पानी पीने से कौनसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है?

  • हृदय रोग (Heart Diseases)।
  • ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)।
  • ब्लड प्रेशर।
  • मानसिक थकान।

हमें कैसा पानी पीना चाहिए?

अगर आपके इलाके के पानी का TDS 250 से 500 के बीच है, तो आपको RO की जरूरत नहीं है। ऐसे में केवल UV या UF फिल्टर का उपयोग करें। घड़े का पानी प्राकृतिक रूप से अशुद्धियों को सोख लेता है और पानी के pH लेवल को संतुलित रखता है।पानी को उबालकर छान लेना सबसे पुराना और सबसे सुरक्षित तरीका है, इससे बैक्टीरिया मर जाते हैं और मिनरल्स भी सुरक्षित रहते हैं। पानी को तांबे के बर्तन में 7-8 घंटे रखकर पीना स्वास्थ्य के लिए अमृत समान है।

RO का पानी पीने से शरीर को क्या-क्या नुकसान होते हैं?

  • मिनरल्स की कमी होना।
  • विटामिन B12 की कमी होना।
  • पानी का एसिडिक होना।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
14 Apr 2026, 2:55 PM IST
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