स्वास्थ्य

Seasonal Allergy Symptoms: मौसम बदलते ही नाक बंद, छींक और आंखों में पानी, जानें कब ये सामान्य एलर्जी नहीं रहती?

Seasonal Allergy: मौसम बदलते ही नाक बंद, छींक और आंखों में पानी क्यों आता है? जानें पबमेड और अमेरिका के अस्थमा एंड एलर्जी फाउंडेशन (AAFA) के अनुसार कब यह सामान्य एलर्जी नहीं रहती और इसके लक्षण व बचाव के उपाय।
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Oct 08, 2026
Person suffering from seasonal allergy wiping nose and experiencing watery eyes
मौसम बदलते ही नाक बंद, छींक किस कारण से आती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Seasonal Allergy Symptoms: मौसम बदलते ही अक्सर हमारे आसपास कई लोग लगातार छींकते, नाक पोंछते या आंखों से बहते पानी को पोंछते हुए नजर आते हैं। मौसम के इस बदलाव में नाक का बंद होना, बार-बार छींकें आना, गले में खराश और आंखों में पानी आना बहुत ही आम बात है। ज्यादातर लोग इसे आम मौसमी एलर्जी यानी हे फीवर या एलर्जिक राइनाइटिस मानकर नजरअंदाज कर देते हैं और कोई भी एंटी-एलर्जी दवा खाकर काम चलाने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर बार नाक बहना या बंद होना सिर्फ एक मामूली एलर्जी ही नहीं होता? पबमेड (PubMed) पर प्रकाशित मेडिकल स्टडीज के अनुसार, अगर ये लक्षण बहुत दिनों तक बने रहें या ज्यादा गंभीर हो जाएं, तो यह किसी बड़ी बीमारी या इन्फेक्शन का संकेत हो सकते हैं। आइए, समझते हैं कि यह मौसमी एलर्जी आखिर क्या होती है, यह कब सामान्य नहीं रहती और ऐसी स्थिति में आपको कब सावधान हो जाना चाहिए।

मौसमी एलर्जी या एलर्जिक राइनाइटिस क्या है?

अमेरिका के अस्थमा एंड एलर्जी फाउंडेशन (AAFA) के अनुसार, जब मौसम बदलता है, तो हवा में परागकण (Pollen), धूल-मिट्टी, नमी, मोल्ड (फंगस) और प्रदूषण के कण काफी बढ़ जाते हैं। हमारा शरीर जब इन बेहानिकारक कणों के संपर्क में आता है, तो हमारा इम्यून सिस्टम (प्रतिरोधक क्षमता) इन्हें कोई खतरनाक हमलावर मान बैठता है। खुद को बचाने के लिए हमारा शरीर हिस्टामाइन नाम का एक केमिकल रिलीज करता है। इस केमिकल के निकलते ही नाक की अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है, जिससे नाक बंद होने लगती है, बार-बार पानी जैसी पतली छींकें आती हैं, आंखों में खुजली और पानी की शिकायत होने लगती है। जब तक मौसम का यह असर रहता है, तब तक ये लक्षण आते-जाते रहते हैं।

कब यह सामान्य एलर्जी नहीं रहती?

अगर आपको लगता है कि यह सिर्फ मौसम का असर है और अपने आप ठीक हो जाएगा, तो थोड़ा संभल जाएं। जब लक्षण अपनी सीमा पार करने लगें, तो यह समझ लेना चाहिए कि बात सिर्फ एलर्जिक राइनाइटिस तक सीमित नहीं है;

  • संक्रमण या साइनसाइटिस में बदलना।
  • पीला या हरा गाढ़ा कफ आना।
  • बुखार आना।
  • सांस लेने में दिक्कत और सीने में सीटी की आवाज।
  • दिनचर्या और नींद का पूरी तरह प्रभावित होना।

एलर्जिक राइनाइटिस और साइनस इन्फेक्शन में अंतर

बहुत से लोग इन दोनों में फर्क नहीं कर पाते और गलत इलाज लेते रहते हैं;

एलर्जिक राइनाइटिस- इसमें नाक में खुजली होती है, बार-बार छींकें आती हैं, आंखों से पानी बहता है और नाक से निकलने वाला पानी एकदम साफ होता है।

साइनस इन्फेक्शन- इसमें चेहरे और सिर में तेज दबाव या दर्द होता है, दांतों में भी दर्द महसूस हो सकता है, बुखार आ सकता है और नाक से गाढ़ा कफ निकलता है।

इस स्थिति से बचने और राहत पाने के उपाय

अगर आपको मौसम बदलते ही यह परेशानी घेर लेती है, तो कुछ आसान सावधानियां बरतकर आप इससे बच सकते हैं;

  • जब मौसम बदल रहा हो या सुबह-शाम हवा में ठंडक-धूल ज्यादा हो, तो बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल जरूर करें।
  • घर की हवा साफ रखें।
  • स्टीम (भाप) और सेलाइन वाटर लें।
  • बिना सलाह के नेजल स्प्रे या एंटीबायोटिक न लें।
  • भरपूर पानी और तरल पदार्थ लें।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
08 Oct 2026 01:30 pm