
Second Pregnancy vs First Pregnancy: जब कोई महिला दूसरी बार गर्भवती होती है, तो अक्सर उसके मन में एक सवाल आता है, क्या इस बार भी सब कुछ पहली प्रेग्नेंसी जैसा होगा? लेकिन कई महिलाओं को जल्द ही महसूस होने लगता है कि दूसरी गर्भावस्था का अनुभव पहले से थोड़ा अलग है। कुछ महिलाओं का बेबी बंप जल्दी दिखाई देने लगता है, तो कुछ को बच्चे की हलचल भी पहले महसूस होती है।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG), NHS और Cleveland Clinic के अनुसार, हर गर्भावस्था अलग होती है। फिर भी दूसरी प्रेग्नेंसी में कुछ बदलाव ऐसे हैं जो काफी महिलाओं में आम तौर पर देखे जाते हैं।
दूसरी प्रेग्नेंसी में कई महिलाओं का पेट पहली बार की तुलना में जल्दी बाहर दिखाई देने लगता है। पहली गर्भावस्था के दौरान पेट और गर्भाशय को सहारा देने वाली मांसपेशियां और लिगामेंट्स खिंच चुके होते हैं। इसलिए दूसरी बार गर्भ ठहरने पर पेट जल्दी उभरा हुआ नजर आ सकता है। ध्यान रहे कि इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चा ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है।
पहली बार मां बनने वाली महिलाएं अक्सर बच्चे की हलचल 18 से 22 सप्ताह के बीच महसूस करती हैं। लेकिन दूसरी गर्भावस्था में कई महिलाएं 16 से 18 सप्ताह के आसपास ही बच्चे की हल्की हरकतों को पहचान लेती हैं। इसका कारण यह है कि वे पहले से इस अनुभव को जानती हैं।
पहली प्रेग्नेंसी में महिला को आराम के लिए अधिक समय मिल सकता है। दूसरी प्रेग्नेंसी में अक्सर पहले बच्चे की देखभाल, घर और काम की जिम्मेदारियां भी साथ चल रही होती हैं। ऐसे में थकान और कमजोरी अधिक महसूस हो सकती है।
ब्रेक्सटन हिक्स को फॉल्स लेबर पेन भी कहा जाता है। Cleveland Clinic के अनुसार, दूसरी गर्भावस्था में कुछ महिलाएं इन संकुचनों को पहले की तुलना में जल्दी महसूस कर सकती हैं क्योंकि वे इनके एहसास से पहले से परिचित होती हैं।
दूसरी बार प्रसव के दौरान शरीर पहले से तैयार होता है। यही वजह है कि कई महिलाओं में लेबर की अवधि पहली डिलीवरी की तुलना में कम हो सकती है। हालांकि यह हर महिला पर लागू नहीं होता।
पहली गर्भावस्था में हर अनुभव नया होता है। दूसरी बार मां बनने वाली महिलाओं को अक्सर अस्पताल, जांच, अल्ट्रासाउंड और प्रसव से जुड़ी प्रक्रियाओं की बेहतर समझ होती है। इससे मानसिक रूप से अधिक आत्मविश्वास महसूस हो सकता है।
पहली प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अक्सर प्रसव और बच्चे की देखभाल को लेकर चिंता रहती है। दूसरी प्रेग्नेंसी में कई महिलाएं यह सोचकर चिंतित हो सकती हैं कि नए बच्चे के आने के बाद बड़े बच्चे को पर्याप्त समय कैसे मिलेगा या दोनों बच्चों की जिम्मेदारी कैसे संभाली जाएगी।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।