
Shoulder Pain: कंधे में चुभन या भारीपन महसूस होते ही अक्सर लोग इसे रात में गलत सोने, जिम में ज्यादा वजन उठाने या भारी सामान उठाने का खिंचाव मानकर बाम लगाकर छोड़ देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाएं या दाएं कंधे में अचानक उठा यह दर्द सिर्फ मांसपेशी की ऐंठन नहीं, बल्कि हार्ट अटैक या नसों में गंभीर दबाव का संकेत भी हो सकता है? क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, मांसपेशी का खिंचाव या मोच आम तौर पर कंधे को घुमाने, हाथ उठाने या हिलाने-डुलने पर बढ़ती है और आराम करने या बर्फ/गर्म सेक से धीरे-धीरे कम होने लगती है। लेकिन अगर कंधे का दर्द बिना किसी चोट के अचानक शुरू हो, आराम करने पर भी न घटे, और कंधे के साथ-साथ छाती में भारीपन, जबड़े या गर्दन की तरफ फैले, तो यह मांसपेशी नहीं बल्कि दिल या अंदरूनी नसों का सिग्नल है। शरीर आपको बता रहा होता है कि दिल तक ऑक्सीजन या रक्त का प्रवाह बाधित हो रहा है।
मांसपेशी का दर्द (Muscle Strain) कंधे के ऊपरी हिस्से या गर्दन के पास दबाव डालने पर बढ़ता है। यह किसी भारी चीज़ को उठाने या मोच के बाद होता है।जोड़ का दर्द (Joint Pain/Frozen Shoulder) कंधे के गहराई वाले हिस्से में महसूस होता है। हाथ को पीछे ले जाने, ऊपर उठाने या कंघी करने में जोड़ जाम सा महसूस होता है।
वेबएमडी के अनुसार, अगर आपको नीचे दिए लक्षणों में से कोई लक्षण दिखता है तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए;
कई बार दर्द होता कहीं और है, लेकिन उसका असर कंधे पर महसूस होता है। यानी गर्दन, पीठ या सीने में कोई अंदरूनी गड़बड़ हो, तो उसका दर्द कंधे तक खिंचकर आ सकता है। ऐसी कुछ गंभीर स्थितियां ये हैं;
अकेले कंधे में दर्द होना हमेशा हार्ट अटैक नहीं होता। लेकिन अगर अचानक से बहुत तेज दर्द बाएं कंधे में उठे और उसके साथ दिल की खराबी के दूसरे लक्षण भी दिखें, तो मामला गंभीर है। इन लक्षणों पर तुरंत गौर करें;