Heart Attack Symptoms in Women: महिलाओं में हार्ट अटैक का मतलब सिर्फ सीने में दर्द नहीं है। जानें वे 5 साइलेंट संकेत जिन्हें 90% महिलाएं मामूली गैस या थकान समझकर टाल देती हैं।
Heart Attack Symptoms in Women: जब भी हार्ट अटैक की बात आती है, तो हमारे दिमाग में सीने में तेज दर्द और पसीने से लथपथ व्यक्ति की तस्वीर उभरती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि महिलाओं के मामले में यह तस्वीर पूरी तरह अलग हो सकती है? मेडिकल रिसर्च के अनुसार, महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण इतने सूक्ष्म और अलग होते हैं कि उन्हें अक्सर 'सामान्य थकान', 'तनाव' या 'एसिडिटी' समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यही कारण है कि महिलाओं में हार्ट अटैक आने पर अस्पताल पहुँचने में देरी होती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है।
American Heart Association (AHA) की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुरुषों में आमतौर पर मुख्य धमनियों में ब्लॉकेज होता है, जिससे सीने में तेज दबाव महसूस होता है। वहीं, महिलाओं में अक्सर छोटी रक्त वाहिकाओं (Microvascular disease) में समस्या होती है। इस कारण उन्हें सीने में "कुचलने वाला दर्द" होने के बजाय शरीर के अन्य हिस्सों में असहजता महसूस होती है।
कार्डियोलॉजिस्ट्स का मानना है कि महिलाओं को अपने शरीर की 'भाषा' समझनी चाहिए। कार्डियक सर्जन डॉ. देवी शेट्टी ने बताया कि महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण पुरुषों जैसे 'क्लासिक' नहीं होते। उन्हें अक्सर सीने में तेज दर्द के बजाय केवल गर्दन, जबड़े या ऊपरी पीठ में भारीपन और खिंचाव महसूस हो सकता है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि भारतीय महिलाएं अक्सर इसे 'सर्वाइकल' या 'कमजोरी' समझकर घरेलू उपचार में समय बर्बाद कर देती हैं। मेनोपॉज के बाद हार्मोनल बदलावों के कारण यह जोखिम और भी बढ़ जाता है, इसलिए किसी भी असामान्य बेचैनी या अचानक आने वाले ठंडे पसीने को हल्के में न लें।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।