स्वास्थ्य

Silent Infections in Pregnancy : प्रेगनेंसी में अजन्मे बच्चे के ब्रेन, हार्ट पर चुपचाप हमला करते हैं ये वायरस, नहीं दिखते कोई लक्षण

Silent Infections in Pregnancy : प्रेगनेंसी में कुछ वायरस चुपचाप गर्भ में पल रहे बच्चे पर हमला करते हैं। ये संक्रमण कई बीमारियों को जन्म देने के साथ बच्चे के दिल, दिमाग को खोखला करते हैं।
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Feb 18, 2026
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प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI

Silent CMV Infections in Pregnancy : प्रेगनेंसी में एक वायरस अजन्मे बच्चे पर हमला करता है। ये इतना खतरनाक है कि एक साथ बच्चे को कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। सीएमवी (Cytomegalovirus) सहित कई वायरस प्रेगनेंसी में संक्रमण फैलाने का काम करता है। आइए, इस वायरस से होने वाले नुकसान आदि के बारे में विस्तार से जानते हैं।

नहीं दिखते कोई भी लक्षण!

डॉक्टर इस वायरस को लेकर चेतावनी देते हैं कि कुछ संक्रमण ऐसे होते हैं जिनमें बुखार, दर्द जैसा कोई साफ लक्षण नहीं दिखता। इन्हें 'एसिम्प्टोमैटिक इन्फेक्शन' कहा जाता है। मां बिल्कुल स्वस्थ महसूस करती है, जबकि संक्रमण चुपचाप भ्रूण को डैमेज करने का काम करता है।

प्रेगनेंसी में संक्रमण और उनके खतरे

साइटोमेगालोवायरस (CMV)

यह एक सामान्य वायरस है जो मां में कोई लक्षण नहीं दिखाता। लेकिन अगर यह भ्रूण तक पहुंच जाए, तो बच्चे में सुनने की क्षमता कम होना, विकास में देरी, दृष्टि दोष या मस्तिष्क संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

टोक्सोप्लाज्मोसिस (Toxoplasmosis)

यह अधपके मांस, संक्रमित मिट्टी या बिल्लियों की गंदगी के संपर्क में आने से फैलता है। मां को भले कोई परेशानी महसूस नहीं होती, लेकिन इससे गर्भपात (Miscarriage) होने के चांसेज रहते हैं। साथ ही इससे भ्रूण के मस्तिष्क क्षति या आंखों की बीमारियां हो सकती हैं।

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रूबेला (Rubella)

गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में यह बहुत खतरनाक है। इससे बच्चे के दिल, कान और आंखों में गंभीर जन्म दोष हो सकते हैं। गर्भावस्था से पहले टीकाकरण ही इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।

हेपेटाइटिस-बी, सिफलिस और एचआईवी

ये बीमारियां भी मां में कई बार लक्षण नहीं दिखातीं, लेकिन प्रसव के दौरान बच्चे में जा सकती हैं, जिससे भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं या मृत शिशु का जन्म हो सकता है।

नियमित जांच क्यों है जरूरी?

विशेषज्ञों का कहना है कि जब मां स्वस्थ महसूस करती है, तब भी कई बार वे ब्लड टेस्ट की सलाह देते हैं। इसका कारण यही है कि इन साइलेंट संक्रमणों को बिना जांच के नहीं पकड़ा जा सकता।

बचाव के उपाय भी जानिए

  • नियमित जांच कराएं। डॉक्टर द्वारा बताए गए सभी ब्लड टेस्ट और स्क्रीनिंग समय पर करवाएं।
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें और सुरक्षित खान-पान की आदतें अपनाएं।
  • समय पर टीकाकरण करवाएं।
Updated on:
18 Feb 2026 03:00 pm
Published on:
18 Feb 2026 03:00 pm