Piles Causes: क्या आप भी Toilet में मोबाइल चलाते हुए ज्यादा देर बैठते हैं? डॉक्टरों के मुताबिक यह आदत Piles, कब्ज और Rectal Problems का खतरा बढ़ा सकती है। जानिए कितना समय है सुरक्षित।
Toilet Sitting Time: आजकल कई लोगों की आदत बन चुकी है कि वे शौचालय में जरूरत से ज्यादा समय बिताते हैं। कुछ लोग वहां बैठकर मोबाइल चलाते हैं, सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हैं या वीडियो देखने लगते हैं। कई बार लोगों को लगता है कि यह आराम करने या खुद के लिए वक्त बिताने का आसान तरीका है, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक यह आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। एमडी फिजिशियन संदीप जोशी के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति रोजाना शौचालय में 10 से 15 मिनट से ज्यादा समय बिताता है, तो इससे बवासीर (Piles) का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टर जोशी बताते हैं कि लंबे समय तक शौचालय सीट पर बैठने से मलाशय (Rectum) और गुदा मार्ग (Anus) के आसपास की नसों पर दबाव बढ़ने लगता है। धीरे-धीरे ये नसें सूज सकती हैं, जिससे बवासीर (Piles) की समस्या हो सकती है।
इसके लक्षणों में शामिल हैं:
डॉक्टर जोशी के मुताबिक पश्चिमी शैली के कमोड (वेस्टर्न स्टाइल कमोड) पर ज्यादा देर बैठना भी इस समस्या को बढ़ा सकता है, क्योंकि इससे मलाशय क्षेत्र (रेक्टल एरिया) पर ज्यादा दबाव पड़ता है।
आजकल ज्यादातर लोग शौचालय (टॉयलेट) में मोबाइल लेकर जाते हैं। यही वजह है कि जरूरी काम खत्म होने के बाद भी लोग वहां बैठे रहते हैं। डॉक्टर का कहना है कि मोबाइल की वजह से समय का अंदाजा नहीं लग पाता और लोग 20-30 मिनट तक बैठे रहते हैं, जो पाचन और मलाशय स्वास्थ्य (रेक्टल हेल्थ) दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
कई लोग कब्ज होने पर ज्यादा देर शौचालय (टॉयलेट) में बैठते हैं ताकि पेट पूरी तरह साफ हो जाए। लेकिन डॉक्टरों के अनुसार ऐसा करना उल्टा नुकसान पहुंचा सकता है। ज्यादा जोर लगाने और लंबे समय तक बैठने से कब्ज और बढ़ सकती है। गुदा मार्ग में चीरा (एनल फिशर) हो सकता है। मलाशय का बाहर आना (रेक्टल प्रोलैप्स) का खतरा बढ़ सकता है। पेड़ू की मांसपेशियां (पेल्विक मसल्स) कमजोर पड़ सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार शौचालय (टॉयलेट) में 5 से 10 मिनट के अंदर काम खत्म कर लेना बेहतर माना जाता है। अगर रोजाना 10 मिनट से ज्यादा समय लग रहा है, तो यह पाचन संबंधी समस्या (डाइजेस्टिव प्रॉब्लम) का संकेत हो सकता है।
डॉक्टर संदीप जोशी के मुताबिक कुछ आसान आदतें अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है:
अगर टॉयलेट जाते समय ये समस्याएं दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:
डॉक्टर का कहना है कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके बवासीर (पाइल्स) और कई पाचन संबंधी समस्याओं (डाइजेस्टिव प्रॉब्लम्स) से बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।