स्वास्थ्य

खुजली को न समझें मामूली! त्वचा विशेषज्ञ से जानें कहीं इन 3 गंभीर बिमारियों का संकेत तो नहीं

Skin Disease: अक्सर हम दाद और खुजली को मामूली मानकर कोई भी क्रीम लगा लेते हैं। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो यह कमजोर इम्युनिटी, डायबिटीज या गलत इलाज का संकेत हो सकता है। समय रहते इसके असली कारण को समझना जरूरी है ताकि यह शरीर में जड़ न जमा ले।

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Apr 26, 2026
Skin Disease, Skin Disease Cause
Skin Disease (Image- gemini)

Skin Disease: उमस के मौसम में दाद और खुजली होना एक आम बात है। लेकिन परेशानी तब शुरू होती है जब आप महंगी से महंगी दवा लगाते हैं, आराम भी मिल जाता है, पर दवा छोड़ते ही खुजली फिर से शुरू हो जाती है। कई लोग इसे केवल त्वचा की ऊपरी बीमारी मानते हैं, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि बार-बार होने वाला फंगल इन्फेक्शन इस बात का इशारा है कि आपके शरीर के अंदर कुछ ठीक नहीं है।

आइए, डॉक्टर निशि यादव (त्वचा रोग विशेषज्ञ) से जानते हैं कि यह खुजली क्यों होती है और यह कब खतरनाक बन जाती है।

बार-बार क्यों लौट आता है दाद?

ज्यादातर लोग दाद होने पर मेडिकल स्टोर से बिना पूछे ऐसी क्रीम खरीद लेते हैं जिनमें स्टेरॉयड होता है। ये क्रीम एक बार तो खुजली दबा देती हैं, लेकिन फंगस को खत्म नहीं करती। नतीजा यह होता है कि फंगस और भी ताकतवर होकर वापस लौटता है।

क्या हो सकते हैं कारण?

  • डायबिटीज।
  • कमजोर इम्युनिटी।
  • गंदे कपड़े और पसीना।

साधारण खुजली कब हो जाती है खतरनाक?

साधारण दिखने वाली खुजली तब गंभीर हो जाती है जब यह खून के जरिए शरीर के दूसरे अंगों को प्रभावित करने लगे या त्वचा पर गहरे जख्म बना दे। अगर खुजली वाले हिस्से से पस आ रहा है या आपको बुखार महसूस हो रहा है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।

किन गंभीर बिमारियों का संकेत हो सकता हैं?

  • डायबिटीज (Diabetes)
  • लिवर और किडनी की खराबी (Liver or Kidney Problems)
  • एनीमिया (खून की कमी)

ठीक होने के लिए क्या करें?

  • सूती और ढीले कपड़े पहनें।
  • शरीर को सूखा रखें।
  • नहाने के पानी में नीम।
  • तौलिया और साबुन अलग रखें।

क्या नहीं करना चाहिए?

  • अपनी मर्जी से क्रीम न लगाएं।
  • खुजलाने से बचें।
  • ज्यादा मीठा न खाएं।
  • गीले कपड़े न पहनें।
  • केमिकल वाले साबुन का प्रयोग न करें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
26 Apr 2026 09:19 am