स्वास्थ्य

Sleep Disorders Symptoms: बैठे बैठे सो जाना क्या बीमारी का है लक्षण, डॉक्टर से जानिए

Sleep Disorders Symptoms: क्या बैठे-बैठे बार-बार नींद आना सामान्य है या किसी बीमारी का लक्षण? जानें डॉक्टरों के अनुसार इसके कारण, लक्षण और सावधानियां।
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Updated: 4 Sep 2025, 4:39 PM IST
बैठे बैठे सो जाना क्या बीमारी का है लक्षण
बैठे बैठे सो जाना (photo- freepik)

Sleep Disorders Symptoms: अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोग बैठे-बैठे अचानक झपकी लेने लगते हैं या बिना किसी कारण के नींद आ जाती है। इस समस्या को लेग सामान्य थकान या काम का बोझ से जोड़ते हैं, लेकिन बार-बार बैठे-बैठे नींद आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार शरीर का ऐसे अनियंत्रित रूप से नींद की ओर झुकना स्लीप डिसऑर्डर या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। तो आइए डॉ. हिमांशु गुप्ता (MBBS, MD, FCCS-USA, CCEBDM सीनियर इमरजेंसी फिजिशियन से जानते हैं इसकी वजह।

थकान या नींद की कमी

सबसे पहले तो यह समझना जरूरी है कि बैठे-बैठे सो जाना हर बार बीमारी का लक्षण नहीं होता। अगर आपने लगातार कई दिनों तक कम नींद ली है, काम का दबाव ज्यादा है या शरीर थका हुआ है, तो नींद कभी भी आ सकती है। लेकिन अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी यह समस्या बनी रहती है, तो यह चेतावनी का संकेत हो सकता है।

संभावित बीमारियां जो वजह बन सकती हैं

स्लीप एपनिया (Sleep Apnea): इसमें नींद के दौरान सांस बार-बार रुक जाती है। इसकी वजह से नींद पूरी नहीं हो पाती और दिन में बैठे-बैठे नींद आने लगती है।

नार्कोलेप्सी (Narcolepsy): यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है जिसमें व्यक्ति किसी भी समय अचानक सो सकता है।

थायरॉइड की समस्या: थायरॉइड हॉर्मोन असंतुलन भी शरीर में थकान और अत्यधिक नींद का कारण बन सकता है।

डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर: इन बीमारियों में शरीर जल्दी थक जाता है और नींद की समस्या बढ़ जाती है।

डिप्रेशन और मानसिक तनाव: मानसिक स्वास्थ्य भी नींद पर गहरा असर डालता है। स्ट्रेस और डिप्रेशन में लोग बैठे-बैठे भी सो सकते हैं।

कब करें डॉक्टर से संपर्क

अगर आप रोज पर्याप्त नींद ले रहे हैं, फिर भी दिन में बार-बार नींद आने लगती है, ऑफिस या पढ़ाई करते समय झपकी लग जाती है, या वाहन चलाते समय नींद महसूस होती है, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। यह लक्षण आपकी सेहत से जुड़े बड़े खतरे का संकेत हो सकते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
4 Sep 2025, 4:39 PM IST
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