Sleeping Drooling Causes: क्या आप भी सुबह उठकर तकिए पर लार देखते हैं? सोते समय मुंह से लार आना स्लीप एपनिया, एसिड रिफ्लक्स या दांतों की समस्या का संकेत हो सकता है। जानें इसके 5 कारण और बचाव के तरीके।
Sleeping Drooling Causes: रात को सोते समय तकिए पर लार (Drooling) आ जाना कई लोगों के साथ होता है। कई बार सुबह उठकर लोग देखते हैं कि तकिया गीला हो गया है। आम तौर पर इसे साधारण बात समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन कई मामलों में यह किसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार सोते समय मुंह से लार निकलना सियालोरिया (Sialorrhea) कहलाता है। इसमें मुंह में बनने वाली लार ज्यादा मात्रा में इकट्ठी हो जाती है और नींद के दौरान बाहर निकल जाती है। अगर यह कभी-कभार हो तो चिंता की बात नहीं होती, लेकिन अगर रोज या बहुत ज्यादा हो रहा है तो इसके पीछे कुछ स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं।
स्लीप एपनिया- स्लीप एपनिया एक ऐसी समस्या है जिसमें सोते समय सांस लेने में रुकावट आने लगती है। इससे व्यक्ति की नींद बार-बार टूटती है और सांस लेने का तरीका भी प्रभावित होता है। ऐसे लोगों में मुंह खुला रहने की वजह से लार बाहर आ सकती है। भारत में लाखों लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
दिमाग से जुड़ी बीमारियां- कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियां जैसे पार्किंसन, स्ट्रोक या ALS में भी ज्यादा लार आने की समस्या हो सकती है। इन बीमारियों में मुंह और गले की मांसपेशियां ठीक से काम नहीं कर पातीं, जिससे लार को निगलने में दिक्कत होती है और वह बाहर निकल सकती है।
एसिड रिफ्लक्स (GERD)- अगर आपको अक्सर सीने में जलन या खट्टी डकार आती है तो यह एसिड रिफ्लक्स की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में पेट का एसिड ऊपर की ओर आने लगता है, जिससे रात में ज्यादा लार बन सकती है और सोते समय मुंह से निकल सकती है।
मुंह या दांत की समस्या- मसूड़ों की बीमारी, दांतों का टेढ़ापन या मुंह में संक्रमण होने पर भी ज्यादा लार बन सकती है। अगर मुंह की सफाई ठीक से न की जाए तो यह समस्या और बढ़ सकती है।
दवाओं का असर- कुछ दवाएं भी ज्यादा लार बनने का कारण बन सकती हैं। खासकर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ दवाओं में यह साइड इफेक्ट देखा गया है।
अगर यह समस्या लगातार बनी रहे तो कुछ परेशानियां हो सकती हैं। जैसे लार सांस की नली में जाने का खतरा, नींद की गुणवत्ता खराब होना, मुंह में बैक्टीरिया बढ़ना और किसी गंभीर बीमारी का संकेत होना।
कुछ आसान आदतें अपनाकर इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। जैसे सोते समय सिर थोड़ा ऊंचा रखकर सोना, मुंह और दांतों की रोज अच्छी तरह सफाई करना और अगर समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना। ध्यान रखें कि कभी-कभार लार आना सामान्य है, लेकिन अगर यह रोज हो रहा है या बहुत ज्यादा है, तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है। यह शरीर का एक संकेत भी हो सकता है कि अंदर कोई स्वास्थ्य समस्या चल रही है।