स्वास्थ्य

Smart Stickers for Heart Attack : शरीर पर चिपका ये ‘स्मार्ट स्टिकर’ हार्ट अटैक आने से पहले देगा चेतावनी! वैज्ञानिकों का दावा

Smart Stickers for Heart Attack : चीनी शोधकर्ताओं ने एक कॉन्फॉर्मल और स्ट्रेचेबल पीजोइलेक्ट्रिक माइक्रोसिस्टम (CSPM) विकसित किया है। इसको कलाई पर चिपकाने से बीपी के बढ़ने-घटने, हार्ट अटैक आदि के बारे में पहले जानकारी मिलेगी।

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Apr 15, 2026
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प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo -x/ChinaScience

Smart Stickers for Heart Attack : चीनी शोधकर्ता दिल की बीमारियों से बचने के लिए नई तकनीक से स्टिकर बना रहे हैं। टीम ने एक कॉन्फॉर्मल और स्ट्रेचेबल पीजोइलेक्ट्रिक माइक्रोसिस्टम (CSPM) विकसित किया है। ये डिवाइस कार्डियोवैस्कुलर (दिल संबंधी) स्वास्थ्य की सटीक निगरानी करता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि ये बीपी बढ़ने-घटने, हार्ट अटैक आदि को लेकर पहले ही अलर्ट देता है।

कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ की निगरानी

रिसर्च ग्रांट्स काउंसिल ऑफ हॉन्ग कॉन्ग (Research Grants Council of Hong Kong) द्वारा ये शोध कराया जा रहा है। चीन के वैज्ञानिकों कहना है कि ये स्मार्ट स्टिकर की तरह दिखने वाला CSPM दो मुख्य सेंसिंग मॉड्यूल पर काम करता है जो हमारे कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ की निगरानी करते हैं।

दिल में गड़बड़ी पर करता है सूचित

ये पल्स वेव वेलोसिटी (pulse wave velocity) और वैस्कुलर डायमीटर (vascular diameter) के सटीक और समकालिक माप को सक्षम बनाता है। यही वजह है कि दिल के अंदर गड़बड़ी होने पर सूचित करता है।

Smart Stickers for Heart : कॉम्पैक्ट और लचीला डिजाइन

शोध की जानकारी के मुताबिक, इसकी मोटाई 450 माइक्रोमीटर से भी कम है और वजन 1 ग्राम से भी कम है। यह 40% तक खिंच (stretch) सकता है, जिससे यह त्वचा की घुमावदार सतहों पर आसानी से चिपक जाता है। लगातार तीन घंटे तक काम करने के दौरान भी इसका तापमान स्थिर रहता है, जो इसे बिना किसी रुकावट के लंबे समय तक निगरानी के लिए उपयुक्त बनाता है।

भविष्य में इनसे बचाने में मददगार

  • हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की स्क्रीनिंग
  • हृदय रोगों की प्रारंभिक चेतावनी देने में
  • बीमारियों के दीर्घकालिक प्रबंधन में

कब तक हार्ट हेल्थ स्टिकर मिल सकता है?

चाइना साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक, ये स्टिकर अभी शोध व ट्रायल की प्रक्रिया से गुजर रहा है। साल 2026 की लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, अभी इसको बनने में समय लगेगा। इसलिए, मरीजों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
15 Apr 2026 12:10 pm
Published on:
15 Apr 2026 11:17 am