स्वास्थ्य

SOLSTICE रिसर्च में GLP-1 दवा ने दिखाई उम्मीद, डायबिटीज और वजन घटाने में मिल सकता है फायदा

Oral Diabetes Medicine: अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की SOLSTICE Phase-2b रिसर्च में नई ओरल GLP-1 दवा एलेकोग्लिप्रोन ने ब्लड शुगर कंट्रोल और वजन घटाने में अच्छे नतीजे दिखाए हैं। जानिए यह डायबिटीज मरीजों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हो सकती है।

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Jun 10, 2026
Elecoglipron Type 2 Diabetes Treatment Weight Loss Pill
शरीर को मापती हुई महिला की प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

Oral GLP-1 Drug: टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। हाल ही में अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन में छपी एक रिसर्च के अनुसार, नई ओरल GLP-1 दवा एलेकोग्लिप्रोन ने ब्लड शुगर कंट्रोल करने और वजन घटाने में उत्साहजनक नतीजे दिखाए हैं। खास बात यह है कि यह दवा इंजेक्शन के बजाय गोली के रूप में ली जाती है, जिससे मरीजों के लिए इलाज आसान हो सकता है।

क्या है Elecoglipron?

Elecoglipron एक छोटी मॉलिक्यूल GLP-1 दवा है जिसे दिन में केवल एक बार लेना होता है। वर्तमान में इस्तेमाल होने वाली कई GLP-1 दवाएं इंजेक्शन के रूप में दी जाती हैं, जबकि यह दवा गोली के रूप में उपलब्ध होने की संभावना रखती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इससे मरीजों के लिए इलाज को नियमित रूप से जारी रखना आसान हो सकता है।

SOLSTICE स्टडी में क्या मिला?

फेज-2b SOLSTICE ट्रायल में टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित 400 से अधिक वयस्कों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों को अलग-अलग समूहों में बांटकर 26 सप्ताह तक दवा या प्लेसीबो दिया गया। रिसर्च में पाया गया कि एलेकोग्लिप्रोन लेने वाले लोगों में ब्लड शुगर का स्तर प्लेसीबो लेने वालों की तुलना में अधिक कम हुआ। अध्ययन के दौरान लगभग 89.6% प्रतिभागी HbA1c के उस लक्ष्य तक पहुंच गए जिसे डायबिटीज नियंत्रण के लिए आदर्श माना जाता है। वहीं प्लेसीबो समूह में यह आंकड़ा केवल 24.9% रहा।

वजन घटाने में भी मिला फायदा

शोध में यह भी सामने आया कि दवा लेने वाले लोगों का वजन औसतन 7% तक कम हुआ। कुछ प्रतिभागियों में 5% या उससे अधिक वजन घटाने के परिणाम भी देखे गए। विशेषज्ञों का कहना है कि डायबिटीज और मोटापा अक्सर साथ-साथ चलते हैं, इसलिए ऐसी दवाएं जो दोनों समस्याओं पर असर डालें, मरीजों के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

भारतीयों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह रिसर्च?

भारत को दुनिया की डायबिटीज कैपिटल भी कहा जाता है। देश में करोड़ों लोग टाइप 2 डायबिटीज और बढ़ते वजन की समस्या से जूझ रहे हैं। कई भारतीय मरीजों में बॉडी मास इंडेक्स (BMI) पश्चिमी देशों की तुलना में कम होने के बावजूद डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में एक ऐसी दवा जो ब्लड शुगर के साथ वजन को भी नियंत्रित कर सके, भविष्य में महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है।

क्या इसके कोई साइड इफेक्ट हैं?

रिसर्च के दौरान कुछ प्रतिभागियों में मतली, उल्टी, पेट खराब होना और मल त्याग की आदतों में बदलाव जैसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल साइड इफेक्ट देखे गए। हालांकि शोधकर्ताओं के अनुसार दवा की कुल सुरक्षा प्रोफाइल मौजूदा GLP-1 दवाओं के समान रही।

अभी और रिसर्च की जरूरत

ये नतीजे काफी उत्साहजनक हैं, लेकिन दवा को व्यापक रूप से इस्तेमाल करने से पहले बड़े स्तर के Phase-3 ट्रायल पूरे होने जरूरी हैं। यदि आगे के अध्ययनों में भी ऐसे ही परिणाम मिलते हैं, तो एलेकोग्लिप्रोन टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे के इलाज में एक बड़ा बदलाव ला सकती है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
10 Jun 2026 03:30 pm
Published on:
10 Jun 2026 12:24 pm