स्वास्थ्य

सीने में अचानक तेज दर्द? हर बार हार्ट अटैक नहीं, SCAD भी हो सकती है वजह, AHA से जानिए लक्षण

Spontaneous Coronary Artery Dissection Symptoms: सीने में दर्द हमेशा हार्ट ब्लॉकेज की वजह से नहीं होता। जानिए स्पॉन्टेनियस कोरोनरी आर्टरी डिसेक्शन (SCAD) क्या है, इसके लक्षण, कारण, इलाज और कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
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Jun 30, 2026
Spontaneous Coronary Artery Dissection Symptoms
सीने में दर्द और SCAD यानी दिल की नस की अंदरूनी परत फटने की स्थिति (photo- freepik)

Spontaneous Coronary Artery Dissection: अक्सर जब किसी को अचानक सीने में तेज दर्द होता है, तो सबसे पहले हार्ट अटैक का ख्याल आता है। कई लोग इसे गैस, एसिडिटी या थकान समझकर नजरअंदाज भी कर देते हैं। लेकिन हर बार सीने में दर्द की वजह दिल की नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा होना नहीं होता। कुछ मामलों में दिल की नस की अंदरूनी परत अपने आप फट जाती है। इस स्थिति को स्पॉन्टेनियस कोरोनरी आर्टरी डिसेक्शन (SCAD) कहा जाता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, SCAD हार्ट अटैक का एक दुर्लभ लेकिन गंभीर कारण है। खास बात यह है कि यह कई बार उन लोगों में भी हो सकता है जिनमें दिल की बीमारी के पारंपरिक जोखिम, जैसे हाई कोलेस्ट्रॉल या धूम्रपान, नहीं होते।

आखिर क्या है SCAD?

हमारे दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों को कोरोनरी आर्टरी कहा जाता है। जब इन नसों की अंदरूनी परत अचानक फट जाती है या उसके बीच में खून जमा हो जाता है, तो खून का रास्ता संकरा हो सकता है। इससे दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और हार्ट अटैक जैसी स्थिति बन सकती है। StatPearls (NCBI Bookshelf) के अनुसार, SCAD में नस के अंदर बनने वाला दबाव खून के सामान्य प्रवाह को रोक सकता है, जिससे सीने में दर्द या दिल का दौरा पड़ सकता है।

यह सामान्य हार्ट अटैक से कैसे अलग है?

अधिकांश हार्ट अटैक में वजह होती है नसों में कोलेस्ट्रॉल और चर्बी का जमा होना। लेकिन SCAD में समस्या नस की दीवार के फटने से होती है, न कि ब्लॉकेज बनने से। यही कारण है कि कई बार मरीज की उम्र कम होती है और उसके पास हार्ट डिजीज के सामान्य जोखिम भी नहीं होते।

किन लोगों में ज्यादा देखा जाता है?

Mayo Clinic और AHA के अनुसार, SCAD सबसे अधिक 50 वर्ष से कम उम्र की महिलाएं, गर्भावस्था के दौरान या प्रसव के बाद की महिलाएं। जिन लोगों को फाइब्रोमस्कुलर डिस्प्लेसिया जैसी रक्त वाहिका संबंधी बीमारी हो, जिन पर अचानक बहुत ज्यादा मानसिक तनाव या भावनात्मक दबाव पड़ा हो और बहुत अधिक शारीरिक मेहनत करने वाले कुछ लोग। हालांकि यह पुरुषों में भी हो सकता है।

इसके लक्षण क्या हैं?

  • अचानक सीने में तेज दर्द
  • दर्द का कंधे, हाथ, गर्दन या जबड़े तक फैलना
  • सांस फूलना
  • ठंडा पसीना आना
  • चक्कर आना
  • मतली या उल्टी
  • दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस होना

अगर ऐसे लक्षण अचानक शुरू हों, तो इसे गैस या सामान्य दर्द समझकर घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए।

क्या तनाव भी वजह बन सकता है?

AHA की वैज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार, कई मरीजों में SCAD से पहले अचानक बहुत ज्यादा मानसिक तनाव, भावनात्मक सदमा या अत्यधिक शारीरिक मेहनत देखी गई है। हालांकि हर मामले में यही कारण हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

डॉक्टर इसकी पहचान कैसे करते हैं?

SCAD का पता लगाने के लिए डॉक्टर मरीज के लक्षणों और जांच के आधार पर निर्णय लेते हैं। इनमें ईसीजी (ECG), खून की जांच, एंजियोग्राफी, जरूरत पड़ने पर इंट्रावास्कुलर इमेजिंग शामिल हो सकते हैं। इन जांचों से यह पता लगाया जाता है कि नस में सामान्य ब्लॉकेज है या उसकी दीवार में फटाव हुआ है।

इसका इलाज कैसे किया जाता है?

इलाज मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। AHA और Mayo Clinic के अनुसार, कई मरीजों में नस समय के साथ अपने आप ठीक हो सकती है। ऐसे मामलों में दवाओं और निगरानी से इलाज किया जाता है। अगर खून का प्रवाह बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहा हो या मरीज की हालत गंभीर हो, तो एंजियोप्लास्टी या अन्य उपचार की जरूरत पड़ सकती है।

किन लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें?

अगर आपको अचानक सीने में दबाव या तेज दर्द हो, दर्द हाथ, गर्दन या जबड़े तक पहुंचे, सांस लेने में तकलीफ हो, ठंडा पसीना आए, या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं। ऐसे लक्षणों में देरी करना खतरनाक हो सकता है।

क्या इससे बचाव संभव है?

SCAD को हमेशा रोका नहीं जा सकता, क्योंकि इसके पीछे कई बार आनुवंशिक या अन्य कारण होते हैं। फिर भी डॉक्टर सलाह देते हैं कि रक्तचाप नियंत्रित रखें। अत्यधिक तनाव को संभालने की कोशिश करें। बिना सलाह के बहुत भारी व्यायाम शुरू न करेंअगर पहले SCAD हो चुका है, तो नियमित रूप से हृदय रोग विशेषज्ञ की निगरानी में रहें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
30 Jun 2026 03:37 pm