Early Stroke Symptoms: भारत में हर 7 में से 1 स्ट्रोक मरीज 45 से कम उम्र का। जानिए युवाओं में स्ट्रोक क्यों बढ़ रहा है, लक्षण क्या हैं और कैसे बचाव करें।
Early Stroke Symptoms: लंबे समय से स्ट्रोक को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन अब भारत की नई रिपोर्ट एक चिंताजनक तस्वीर दिखा रही है। Indian Council of Medical Research के नेतृत्व वाले National Stroke Registry Programme के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर 7 में से 1 स्ट्रोक मरीज की उम्र 45 साल से कम है। यानी अब यह बीमारी तेजी से युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही है।
2020 से 2022 के बीच देश के 30 अस्पतालों में करीब 35,000 स्ट्रोक मामलों का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि मरीजों की औसत उम्र लगभग 59 साल थी, लेकिन करीब 13.8% मरीज 45 साल से कम उम्र के थे। यह संकेत है कि स्ट्रोक अब सिर्फ उम्र से जुड़ी बीमारी नहीं रही।
स्ट्रोक में हर मिनट बहुत कीमती होता है, लेकिन रिपोर्ट बताती है कि सिर्फ 20% मरीज ही 4.5 घंटे के अंदर अस्पताल पहुंच पाए। इसी समय के अंदर कुछ जरूरी इलाज जैसे थ्रोम्बोलाइसिस या थ्रोम्बेक्टॉमी किए जा सकते हैं, जो जान बचाने और दिमाग को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। लेकिन ज्यादातर लोग देर से अस्पताल पहुंचते हैं। कई मरीज 24 घंटे बाद इलाज के लिए पहुंचते हैं, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है। यही वजह है कि स्ट्रोक के तीन महीने के अंदर आधे से ज्यादा मरीज या तो गंभीर रूप से विकलांग हो जाते हैं या उनकी मौत हो जाती है।
सबसे बड़ा कारण हाई ब्लड प्रेशर है, जो लगभग तीन-चौथाई मरीजों में पाया गया। इसके अलावा डायबिटीज, तंबाकू, शराब और धूम्रपान भी जोखिम बढ़ाते हैं। आजकल की लाइफस्टाइल भी बड़ी वजह बन रही है। तनाव भरी जिंदगी, देर रात तक जागना, कम शारीरिक गतिविधि, अनियमित खानपान और बढ़ता मोटापा युवाओं की नसों को समय से पहले कमजोर कर रहा है। इसके अलावा कुछ और कारण भी सामने आ रहे हैं, जैसे स्लीप एपनिया, हार्ट से जुड़ी समस्याएं और कुछ दुर्लभ रक्त या नसों की बीमारियां, जो युवाओं में स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती हैं।
स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। World Health Organization FAST नियम याद रखने की सलाह देता है। Face टेढ़ा होना,
Arm में कमजोरी, Speech में दिक्कत, Time यानी तुरंत मदद लें। अच्छी बात यह है कि स्ट्रोक को काफी हद तक रोका जा सकता है। Centers for Disease Control and Prevention के अनुसार ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना स्ट्रोक रोकने का सबसे असरदार तरीका है।