स्वास्थ्य

घुटने में सूजन और दर्द न करें नजरअंदाज, Mayo Clinic से जानें Swollen Knee के कारण और संकेत

Swollen Knee: क्या आपके घुटने में सूजन या दर्द है? मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें इसके मुख्य कारण, लक्षण, डॉक्टर के पास कब जाएं और घर पर राहत पाने के R.I.C.E. उपाय।
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Aug 24, 2026
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घुटने में सूजन और दर्द Swollen Knee हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Swollen Knee: आजकल घुटने में दर्द या सूजन होना बहुत आम बात हो गई है। कई बार हम सोचते हैं कि थोड़ा चलने-फिरने से या थकावट की वजह से घुटना सूज गया होगा और इसे मामूली समझकर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घुटने में पानी भरना, भारीपन महसूस होना या सूजन आना किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है? मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, इसे घुटने का सूजना (Swollen Knee) कहा जाता है। घुटने की सूजन कई कारणों से हो सकती है जैसे चोट लगना, लिगामेंट फटना या फिर आर्थराइटिस जैसी बीमारी। आइए समझते हैं कि घुटने में सूजन क्यों आती है, इसके लक्षण क्या हैं और आपको कब तुरंत सावधान हो जाना चाहिए।

घुटने में सूजन क्या होती है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब आपके घुटने के जोड़ के अंदर या उसके आसपास की जगहों में अतिरिक्त तरल पदार्थ (Fluid) जमा हो जाता है, तो वहां सूजन आ जाती है। इसे बोलचाल की भाषा में घुटने में पानी भरना भी कहते हैं। यह सूजन घुटने की किसी एक तरफ हो सकती है या फिर पूरा घुटना फूल सकता है। कभी-कभी सूजन के साथ तेज दर्द होता है, तो कभी सिर्फ भारीपन महसूस होता है।

घुटने में सूजन के मुख्य कारण

घुटने में सूजन आने की वजहें अलग-अलग हो सकती हैं। मुख्य रूप से इन्हें दो हिस्सों में बांटा जा सकता है: चोट लगना या कोई अंदरूनी बीमारी।

1. चोट या दुर्घटना (Injuries)-

1. लिगामेंट का फटना (ACL/PCL Tear)- खेल-कूद के दौरान या अचानक मुड़ने पर घुटने का लिगामेंट टूट सकता है, जिससे तुरंत सूजन और तेज दर्द होता है।

2. उपास्थि (Cartilage/Meniscus) में चोट- घुटने के अंदर मौजूद गद्दी (कार्टिलेजि) फटने से जोड़ में द्रव भरने लगता है।

3. हड्डी टूटना या खिसकना- घुटने की कटोरी (Patella) खिसकने या हड्डी में फ्रैक्चर होने पर काफी सूजन आती है।

2. अंदरूनी बीमारियां (Medical Conditions)

1.ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis)- उम्र बढ़ने के साथ घुटने की गद्दी घिसने लगती है, जिससे जोड़ों में रगड़ बनती है और सूजन आ जाती है।

    2. गाउट (Gout)- शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने पर घुटने के जोड़ में क्रिस्टल जमा होने लगते हैं, जिससे अचानक तेज दर्द और सूजन होती है।

    3. रुमेटीइड आर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis)- यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम जोड़ों पर हमला करता है, जिससे घुटनों में सूजन और अकड़न आ जाती है।

    4. इन्फेक्शन (Joint Infection)- घुटने के जोड़ में किसी प्रकार का संक्रमण होने पर भी पानी भर सकता है और लालिमा आ सकती है।

    5. बर्साइटिस (Bursitis)- घुटने के जोड़ों के ऊपर मौजूद छोटी थैली (Bursa) में सूजन आने से यह समस्या होती है।

    घुटने में सूजन के लक्षण (Symptoms to Watch Out)

    • सुलझा हुआ या फूला हुआ घुटना।
    • अकड़न (Stiffness)।
    • वजन डालते ही घुटने में तेज दर्द होना।
    • गर्मी या लालिमा।

    डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है?

    • आप पैर पर थोड़ा सा भी वजन नहीं डाल पा रहे हैं।
    • घुटना पूरी तरह से लॉक हो गया है या मुड़ नहीं रहा है।
    • घुटने में सूजन के साथ-साथ तेज बुखार।
    • चोट लगने के तुरंत बाद घुटना अचानक बहुत ज्यादा सूज गया हो।

    बचाव और शुरुआती देखभाल (R.I.C.E. Formula)

    क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर सूजन हल्की है और कोई गंभीर चोट नहीं है, तो आप घर पर R.I.C.E. तरीका अपना सकते हैं;

    1.Rest (आराम)- घुटने को थोड़ा आराम दें और ज्यादा चलने-फिरने से बचें।

    2. Ice (बर्फ की सिकाई)- दिन में 2-3 बार 15-20 मिनट के लिए बर्फ से सिकाई करें।

    3. Compression (पट्टी बांधना)- घुटने पर हल्की क्रैप बैंडेज (सपोर्टिव पट्टी) बांधें।

    4. Elevation (ऊंचा उठाना)- लेटते समय घुटने के नीचे तकिया रखकर उसे दिल के स्तर से थोड़ा ऊपर उठाएं।

    डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

    डिस्क्लेमर
    इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
    Updated on:
    25 Aug 2026 01:35 pm
    Published on:
    24 Aug 2026 05:30 pm