
Tachycardia Symptoms: कई बार सीढ़ियां चढ़ते समय, वर्कआउट करते वक्त या किसी बात से बहुत ज्यादा डर या घबराहट होने पर हमारी छाती में धड़कनें तेज हो जाती हैं। ऐसी स्थितियों में दिल की धड़कन का तेज होना बिल्कुल सामान्य है। लेकिन सोचिए, अगर आप आराम से सोफे पर बैठे हैं या कोई काम नहीं कर रहे, फिर भी अचानक आपकी छाती में धक-धक बहुत तेज होने लगे? अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, बिना किसी बड़ी शारीरिक मेहनत के दिल की धड़कन का असामान्य रूप से तेज हो जाना टैचीकार्डिया (Tachycardia) कहलाता है। सामान्य तौर पर एक वयस्क व्यक्ति का दिल 1 मिनट में 60 से 100 बार धड़कता है। लेकिन टैचीकार्डिया की स्थिति में यह धड़कन 100 प्रति मिनट से भी ऊपर निकल जाती है। आइए जानते हैं कि यह समस्या क्या है, इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं और कब आपको सतर्क हो जाना चाहिए।
हमारा दिल इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स (बिजली के छाेटे संकेतों) के जरिए धड़कता है। जब ये इलेक्ट्रिकल सिग्नल सही तरीके से काम करते हैं, तो दिल एक तय गति से धड़कता है। लेकिन जब इन सिग्नल्स में कोई गड़बड़ी आ जाती है, तो दिल बहुत तेजी से पंप करने लगता है। जब दिल बहुत तेज धड़कता है, तो उसे शरीर के बाकी हिस्सों और अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन वाला खून पहुंचाने का पूरा समय नहीं मिल पाता। इसी वजह से व्यक्ति को चक्कर आना या सांस फूलना महसूस होने लगता है। यह मुख्य रूप से तीन तरह का होता है;
1.साइनस टैचीकार्डिया (Sinus Tachycardia)- यह तब होता है जब तनाव, बुखार, डर या कैफीन (चाय-कॉफी) की वजह से धड़कन तेज होती है। कारण दूर होते ही यह सामान्य हो जाती है।
2. सुप्रावेंट्रिकुलर टैचीकार्डिया (SVT)- यह दिल के ऊपरी चैंबर से शुरू होने वाली तेज धड़कन की समस्या है, जो अचानक शुरू होकर अचानक बंद हो सकती है।
3. वेंट्रिकुलर टैचीकार्डिया (VT)- यह दिल के निचले चैंबर से शुरू होता है। यह एक गंभीर स्थिति है और इसे तुरंत डॉक्टरी इलाज की जरूरत होती है।
अगर आपकी धड़कन बिना किसी बड़ी शारीरिक मेहनत के बार-बार तेज हो रही है, तो इसके पीछे ये कारण हो सकते हैं:
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब आपकी धड़कन तेज होती है, तो शरीर में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
मेयो क्लिनिक के अनुसार, कभी-कभार डर या एक्सरसाइज के बाद धड़कन बढ़ना सामान्य है। लेकिन आपको तुरंत इमरजेंसी मेडिकल हेल्प या कार्डियोलॉजिस्ट (हार्ट स्पेशलिस्ट) से संपर्क करना चाहिए अगर;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।