Chikungunya Alert: तमिलनाडु में चिकनगुनिया के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। चेन्नई समेत कई जिलों में अलर्ट जारी, स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर नियंत्रण और जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं।
Chikungunya Alert: तमिलनाडु के कई जिलों में चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य और निवारक चिकित्सा निदेशालय (DPH) ने सभी जिलों और शहरी स्वास्थ्य निकायों को सतर्क रहने और निगरानी, जांच व मच्छर नियंत्रण के काम तेज करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चेन्नई, विलुपुरम, तेनकासी, थेनी, कड्डलूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और अरियालूर जिलों में चिकनगुनिया के मामले बढ़े हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा मौसम मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल है, इसलिए संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
चिकनगुनिया से संक्रमित मरीजों में तेज बुखार, जोड़ों में असहनीय दर्द, मांसपेशियों में दर्द और अत्यधिक थकान या सुस्ती जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। विभाग ने साफ कहा है कि बीमारी की जल्दी पहचान और समय पर इलाज बेहद जरूरी है, ताकि जटिलताएं न बढ़ें।
स्वास्थ्य विभाग ने फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बुखार प्रभावित इलाकों से पर्याप्त ब्लड सैंपल इकट्ठा किए जाएं। इनकी जांच IgM ELISA टेस्ट से की जाएगी। साथ ही सरकारी और निजी अस्पतालों तथा डायग्नोस्टिक लैब्स को हर मामले की जानकारी समय पर देने के लिए कहा गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि रिपोर्टिंग में देरी होने पर बीमारी तेजी से फैल सकती है।
डेंगू और चिकनगुनिया के लिए बने सभी वार्ड मच्छर-मुक्त रखने के आदेश दिए गए हैं। मरीजों के लिए पर्याप्त बेड और मच्छरदानियों की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। सेंटिनल सर्विलांस अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को सरकारी मान्यता प्राप्त जांच किट का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है।
डॉक्टरों, नर्सों और फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स के लिए बुखार, डेंगू और चिकनगुनिया से जुड़ी नई राष्ट्रीय उपचार गाइडलाइंस पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। किसी भी अचानक बढ़ोतरी से निपटने के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमें भी तैयार रखी गई हैं।
जिला कलेक्टरों को अलग-अलग विभागों के साथ बैठक कर समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य निरीक्षकों और कीट विज्ञानी अधिकारियों को रुके हुए पानी को खत्म करने, हफ्ते में एक बार सफाई अभियान चलाने और रोजाना लार्वा की जांच करने को कहा गया है। जरूरत के अनुसार फॉगिंग और पानी के बड़े टैंकों में लार्वीसाइड डालना भी अनिवार्य किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे पानी के बर्तनों को हफ्ते में एक बार जरूर साफ करें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, पूरे कपड़े पहनें और कचरे का सही निपटान करें। विभाग ने बताया कि सभी उपायों की रोजाना समीक्षा की जाएगी और रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी।