
Tannaz Irani Hip Replacement Hindi: हाल ही में मशहूर एक्ट्रेस तनाज ईरानी ने राजीव खंडेलवाल के गेम शो तुम हो ना में अपनी एक बड़ी सर्जरी की खबर शेयर की है। उन्होंने बताया कि उन्हें टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी (कूल्हा बदलने का ऑपरेशन) करानी पड़ी है। तनाज की इस खबर के बाद से लोग इंटरनेट पर सर्च कर रहे हैं कि आखिर यह सर्जरी कब करानी पड़ती है और इसके क्या फायदे या नुकसान हैं। आइए क्लीवलैंड क्लिनिक और जॉन्स हॉपकिंस मेडिसिन की रिपोर्ट्स के आधार पर समझते हैं कि हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी क्या होती है और इससे जुड़े बड़े रिस्क कौन से हैं।
हमारा कूल्हा (Hip) एक बॉल और सॉकेट की तरह होता है, जो हमें चलने, बैठने और झुकने में मदद करता है। जब बढ़ती उम्र, गंभीर गठिया (Arthritis), या किसी चोट की वजह से यह हिस्सा पूरी तरह घिस जाता है या खराब हो जाता है, तो इंसान का उठना-बैठना दूभर हो जाता है। जॉन्स हॉपकिंस मेडिसिन के मुताबिक, इस सर्जरी में डॉक्टर खराब हो चुके कूल्हे के जोड़ को हटा देते हैं और उसकी जगह मेटल, प्लास्टिक या सिरेमिक से बना एक नकली (आर्टिफिशियल) जोड़ लगा देते हैं। इसे ही हिप रिप्लेसमेंट कहते हैं।
हर किसी को इस सर्जरी की जरूरत नहीं होती। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, डॉक्टर इसकी सलाह तब देते हैं, जब दवाइयों, फिजियोथेरेपी या लाठी (वॉकर) के सहारे के बाद भी दर्द ठीक न हो रहा हो। दर्द इतना बढ़ जाए कि रात को सोना मुश्किल हो जाए। सीढ़ियां चढ़ना या कुर्सी से उठना भी एक सजा जैसा लगने लगे। वैसे तो यह सर्जरी बहुत कामयाब मानी जाती है और तनाज ईरानी भी अब धीरे-धीरे रिकवर कर रही हैं। लेकिन किसी भी बड़े ऑपरेशन की तरह, एक्सपर्ट्स इसके कुछ बड़े रिस्क भी बताते हैं, जिन्हें जानना जरूरी है;
सर्जरी के बाद पैरों की नसों में खून के थक्के जमने का सबसे बड़ा खतरा होता है। अगर यह थक्का खून के बहाव के साथ फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो यह जानलेवा हो सकता है। इसलिए डॉक्टर सर्जरी के बाद तुरंत थोड़ा-बहुत चलने या खून पतला करने की दवा देते हैं।
जहां पर चीरा लगाया गया है, उस जगह पर या फिर अंदर नए नकली जोड़ के आसपास इन्फेक्शन हो सकता है। अगर इन्फेक्शन गहरा हो जाए, तो कई बार नकली जोड़ को निकालने के लिए दोबारा सर्जरी करनी पड़ सकती है।
सर्जरी के शुरुआती कुछ हफ्तों में, जब तक वहां की मांसपेशियां मजबूत नहीं हो जातीं, तब तक नकली बॉल के सॉकेट से बाहर खिसकने का डर रहता है। इसलिए मरीजों को पैर मोड़ने या पालथी मारकर बैठने से मना किया जाता है।
कभी-कभी सर्जरी के बाद ऐसा महसूस हो सकता है कि एक पैर दूसरे पैर से थोड़ा छोटा या बड़ा हो गया है। हालांकि, डॉक्टर इसे ठीक रखने की पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन मांसपेशियों के खिंचाव के कारण ऐसा हो सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।