
Tendinopathy Hindi: क्या आपके कंधों, कोहनी, घुटनों या एड़ियों के पास बार-बार दर्द होता है? कई बार सुबह उठते ही जोड़ों के आसपास अकड़न महसूस होती है या थोड़ा सा काम करने पर ही तेज टीस उठने लगती है। अक्सर लोग इसे बढ़ती उम्र का असर या साधारण आर्थराइटिस (गठिया) समझकर अनदेखा कर देते हैं। लेकिन अगर यह दर्द मांसपेशियों और हड्डियों को जोड़ने वाले हिस्से में हो रहा है, तो यह टेंडिनोपैथी (Tendinopathy) की समस्या हो सकती है। टेंडिनोपैथी हमारे शरीर के टेंडन (Tendon) में होने वाली एक ऐसी स्थिति है जो लगातार एक ही तरह की गतिविधि करने या चोट लगने के कारण होती है। आइए समझते हैं कि टेंडिनोपैथी क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और इससे राहत कैसे पाई जा सकती है।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, हमारे शरीर में हड्डियां और मांसपेशियां आपस में एक मजबूत, डोरी जैसी संरचना से जुड़ी होती हैं, जिन्हें टेंडन (Tendon) कहा जाता है। जब हम कोई शारीरिक काम करते हैं, तो टेंडन ही मांसपेशियों की ताकत को हड्डियों तक पहुंचाते हैं ताकि हम हिल-डुल सकें। जब किसी टेंडन पर बार-बार दबाव पड़ता है या उसमें बार-बार खिंचाव आता है, तो उसमें बहुत छोटे-छोटे कट या सूक्ष्म टूट-फूट (Micro-tears) होने लगती है। इसके कारण उस हिस्से में सूजन, दर्द और कमजोरी आ जाती है। इसी स्थिति को डॉक्टरी भाषा में टेंडिनोपैथी कहते हैं। इसमें टेंडिनाइटिस (सूजन) और टेंडिनोसिस (टेंडन का कमजोर होना) दोनों स्थितियां शामिल हो सकती हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, टेंडिनोपैथी का दर्द धीरे-धीरे शुरू होता है और समय के साथ बढ़ता जाता है। इसके प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं;
टेंडिनोपैथी शरीर के उन हिस्सों में ज्यादा देखने को मिलती है जिनका इस्तेमाल हम रोजमर्रा के कामों में सबसे ज्यादा करते हैं;
यह समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, लेकिन कुछ वजहों से इसका जोखिम बढ़ जाता है;
अगर शुरुआती दौर में ही इस पर ध्यान दे दिया जाए, तो यह बिना किसी सर्जरी के ठीक हो सकती है;