स्वास्थ्य

Testicular Cancer: अंडकोष में गांठ या सूजन हो सकती है टेस्टिकुलर कैंसर का पहला संकेत, मेयो क्लिनिक से जानें इसके कारण

Testicular Cancer Cause: 15 से 35 साल के युवाओं में अंडकोष की सूजन या गांठ मामूली नहीं! मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें टेस्टिकुलर कैंसर के शुरुआती लक्षण, कारण और जांचे।
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Aug 09, 2026
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15 से 35 साल के युवाओं में अंडकोष कैंसर का खतरा ज्यादा होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Testicular Cancer Symptoms: पुरुषों की सेहत से जुड़ी कई ऐसी बीमारियां हैं, जिनके बारे में लोग खुलकर बात करने से कतराते हैं। 'टेस्टिकुलर कैंसर' (Testicular Cancer) यानी अंडकोष का कैंसर भी एक ऐसी ही बीमारी है। जानकारी की कमी और शर्म की वजह से अक्सर लोग इसके शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे समस्या आगे चलकर गंभीर रूप ले लेती है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, टेस्टिकुलर कैंसर युवाओं में होने वाला एक आम कैंसर है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अगर सही समय पर इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाए, तो यह पूरी तरह ठीक हो सकता है। आइए इसके शुरुआती संकेत और कारण क्या हैं।

टेस्टिकुलर कैंसर क्या होता है?

पुरुषों के शरीर में पेनिस के नीचे एक थैलीनुमा संरचना होती है जिसे स्क्रोटम (Scrotum) कहा जाता है। इसके अंदर दो अंडकोष (Testicles या Testes) होते हैं। अंडकोष का मुख्य काम शरीर में पुरुष हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन) बनाना और स्पर्म (शुक्राणु) का निर्माण करना होता है। जब अंडकोष की कोशिकाओं (Cells) में असामान्य और बेकाबू बढ़ोतरी होने लगती है, तो वहां गांठ या ट्यूमर बनने लगता है। इसी स्थिति को टेस्टिकुलर कैंसर कहा जाता है। यह कैंसर अक्सर किसी एक ही अंडकोष में शुरू होता है।

इसके शुरुआती और मुख्य लक्षण क्या हैं?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इस बीमारी के लक्षण बहुत ही साधारण हो सकते हैं, इसलिए शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है:

  • अंडकोष में बिना दर्द वाली गांठ।
  • अंडकोष में सूजन या भारीपन।
  • निचले पेट या कमर में मीठा दर्द।
  • थैली में अचानक द्रव (पानी) भरना।
  • छाती में खिंचाव या सूजन।

यह कैंसर किन वजहों से हो सकता है?

हालांकि इसका कोई एक पक्का कारण तय नहीं है, लेकिन मेडिकल रिसर्च के मुताबिक कुछ वजहों से इसका खतरा बढ़ जाता है;

  • क्रिप्टोरकिडिज्म (Undescended Testicle)।
  • 15 से 35 साल की उम्र के युवाओं में इसका जोखिम सबसे ज्यादा देखा जाता है।
  • पारिवारिक इतिहास (फैमिली हिस्ट्री) हो, तो इसका खतरा थोड़ा बढ़ जाता है।

जांच और सही समय पर इलाज

अगर समय रहते डॉक्टर के पास जाया जाए, तो टेस्टिकुलर कैंसर का इलाज बहुत ही सफल रहता है। शारीरिक जांच के बाद अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) कराने की सलाह देते हैं, जिससे यह साफ हो जाता है कि गांठ सामान्य है या कैंसर की। शरीर में कैंसर मार्केर्स (Tumor Markers) का पता लगाने के लिए कुछ खास खून की जांचें की जाती हैं। कैंसर की स्टेज के हिसाब से डॉक्टर सर्जरी (अंडकोष को निकालना), रेडिएशन थेरेपी या कीमोथेरेपी का इस्तेमाल करते हैं। सर्जरी के बाद भी पुरुष की सामान्य जिंदगी और प्रजनन क्षमता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
09 Aug 2026 10:06 am
Published on:
09 Aug 2026 09:00 am