
Thyroid Eye Disease: अगर आप सुबह आईने में देखते हुए महसूस करें कि आपकी आंखें पहले जैसी नहीं दिख रहीं, पलकों में सूजन है या बार-बार आंखों में जलन हो रही है, तो इसे सिर्फ थकान या स्क्रीन टाइम का असर समझकर नजरअंदाज न करें। कुछ मामलों में आंखों में दिखने वाले बदलाव थायरॉइड बीमारी, खासकर थायरॉइड आई डिजीज (Thyroid Eye Disease-TED) का संकेत हो सकते हैं। Cleveland Clinic और कई रिसर्च स्टडीज के अनुसार, थायरॉइड की गड़बड़ी आंखों के आसपास की मांसपेशियों और ऊतकों को प्रभावित कर सकती है, जिससे कई तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
कई लोगों को पहले आंखों में सूखापन, लालिमा या सूजन महसूस होती है। वे आई स्पेशलिस्ट के पास पहुंचते हैं और जांच के दौरान पता चलता है कि समस्या की जड़ थायरॉइड है। Scientific Reports में प्रकाशित 2021 की एक स्टडी में पाया गया कि थायरॉइड रोगियों में आंखों से जुड़ी शिकायतें बेहद आम थीं और इनका असर उनकी जीवन गुणवत्ता पर भी पड़ता है।
यह थायरॉइड आई डिजीज का सबसे चर्चित संकेत माना जाता है। आंखों के पीछे सूजन बढ़ने पर आंखें सामान्य से ज्यादा बाहर निकली हुई दिखाई दे सकती हैं। Cleveland Clinic के अनुसार इसे Proptosis कहा जाता है।
अगर आपकी पलकों के आसपास लगातार सूजन रहती है और पर्याप्त नींद के बाद भी कम नहीं होती, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। Scientific Reports की स्टडी में सूजी हुई पलकें सबसे आम शिकायतों में शामिल थीं।
अजीब बात यह है कि थायरॉइड आई डिजीज में कुछ लोगों को आंखें बहुत सूखी लगती हैं, जबकि कुछ में लगातार पानी आता रहता है। Cleveland Clinic इसे TED के सामान्य लक्षणों में गिनता है।
अगर तेज रोशनी, मोबाइल स्क्रीन या धूप में आंखें चुभने लगती हैं, तो यह भी एक संकेत हो सकता है। रिसर्च में फोटोसेंसिटिविटी यानी रोशनी के प्रति संवेदनशीलता कई मरीजों में देखी गई।
कुछ लोगों को ऐसा महसूस होता है जैसे आंख में रेत चली गई हो। आंखों में दर्द, जलन या भारीपन भी थायरॉइड से जुड़ी आंखों की समस्या का हिस्सा हो सकता है।
यदि कभी-कभी एक चीज दो दिखाई देने लगे, तो इसे हल्के में न लें। Scientific Reports की स्टडी में लगभग 29% मरीजों ने डबल विजन की शिकायत की थी। TED में आंखों की मांसपेशियां प्रभावित होने पर यह समस्या हो सकती है।
कुछ लोगों में सूजन और आंखों के उभरने की वजह से सोते समय भी आंखें पूरी तरह बंद नहीं हो पातीं। इससे आंखों में सूखापन और जलन बढ़ सकती है। NIH के अनुसार गंभीर मामलों में यह दृष्टि को भी प्रभावित कर सकता है।
NLM में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि थायरॉइड रोगियों में कम दिखाई देना, आंखों का सूखापन, पलकों की सूजन, आंखों में दर्द और पानी आना जैसी शिकायतें सामान्य आबादी की तुलना में अधिक थीं। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि आंखों से जुड़ी समस्याएं थायरॉइड रोगियों की जीवन गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं और इन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।
अगर आंखों में सूजन, उभार, डबल विजन, लगातार सूखापन या अचानक नजर में बदलाव दिखाई दे, तो एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और आंखों के विशेषज्ञ दोनों से सलाह लेना जरूरी है। समय पर पहचान होने पर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।