स्वास्थ्य

कान में घंटी या भनभनाहट की आवाज आना हो सकता है Tinnitus! ENT डॉक्टर से जानें कब न करें नजरअंदाज

Tinnitus Symptoms In Hindi : कान में घंटी, सीटी या भनभनाहट की आवाज आना टिनिटस का संकेत हो सकता है। जानें इसके कारण, लक्षण, बचाव और ईएनटी डॉक्टर से समझें कब इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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May 22, 2026
कान में आवाज से परेशान युवती- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Tinnitus Symptoms: क्या कभी आपको ऐसा लगता है कि कान में अचानक घंटी बजने जैसी आवाज आ रही है? या फिर बिना किसी वजह के भनभन, सीटी जैसी आवाज सुनाई देती रहती है? अगर हां, तो कई बार यह समस्या टिनिटस (Tinnitus) की तरफ इशारा कर सकती है। यह खुद कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर में चल रही किसी दूसरी समस्या का संकेत भी हो सकती है। आइए ईएनटी डॉक्टर अंशिका आनंद से जानते हैं कि ये क्या होती है कौनसे लक्षण नजरअंदाज नहीं करने चाहिए।

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क्यों होती है यह समस्या?

डॉक्टर के अनुसार, टिनिटस के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम वजह है तेज आवाज में लंबे समय तक रहना। अगर आप लगातार तेज म्यूजिक सुनते हैं, हेडफोन ज्यादा इस्तेमाल करते हैं या शोर वाली जगह पर काम करते हैं, तो कान की नसों पर असर पड़ सकता है। टिनिटस ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को बिना किसी बाहरी आवाज के कान में आवाज सुनाई देती है। कुछ लोगों को यह धीरे सुनाई देती है, तो कुछ को इतनी तेज कि नींद और रोजमर्रा का काम भी प्रभावित होने लगता है।

टिनिटस के कारण क्या-क्या होते हैं?

  • कान में मैल (Ear Wax) ज्यादा जम जाना।
  • बढ़ती उम्र के कारण सुनने की क्षमता कम होना।
  • कान में इन्फेक्शन
  • हाई ब्लड प्रेशर या तनाव।
  • कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट।
  • कान की नसों से जुड़ी समस्या।

कौन-कौन से संकेत दिख सकते हैं?

  • कान में लगातार आवाज आना।
  • सुनने में परेशानी होना।
  • चक्कर आना।
  • सिर भारी लगना।
  • नींद खराब होना या चिड़चिड़ापन बढ़ना।

कब बिल्कुल नजरअंदाज न करें?

अगर कान में आवाज कुछ मिनट के बजाय कई दिनों तक बनी रहे, या उसके साथ सुनने की क्षमता कम होने लगे, तेज दर्द, चक्कर या सिरदर्द भी हो, तो तुरंत ईएनटी डॉक्टर को दिखाना चाहिए। खासकर अगर आवाज अचानक शुरू हुई हो, तो जांच जरूरी है।

बचाव के लिए क्या करें?

NIH के अनुसार, टिनिटस से बचाव के उपाय निम्न है

  • बहुत तेज आवाज और लाउड म्यूजिक से बचें।
  • लंबे समय तक ईयरफोन इस्तेमाल न करें।
  • तनाव कम करने की कोशिश करें।
  • कान में खुद से कोई नुकीली चीज न डालें।
  • ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल में रखें।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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