
Toe Hair Loss: कई लोग पैरों की उंगलियों पर उगने वाले बालों को एक छोटी सी बात मान लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि यह शरीर की ब्लड सर्कुलेशन और मेटाबॉलिज्म की हेल्थ बताने वाला एक महत्वपूर्ण संकेत है। यानी एक छोटी सी चीज आपको यह समझा सकती है कि आपके शरीर के दूर-दराज हिस्सों में खून कितना सही तरीके से पहुंच रहा है।
AIIMS और अन्य विशेषज्ञों के अनुसार, उंगलियों के बाल आपके शरीर की गतिविधि के बारे में बहुत कुछ बताते हैं। डॉक्टर श्रद्दे कैतियार कहती हैं कि पैर की उंगलियों पर बाल होना दरअसल अच्छी रक्त आपूर्ति का संकेत है।
जैसे शरीर के बाकी हिस्सों में बाल होते हैं, वैसे ही पैर की उंगलियों में भी हेयर फॉलिकल्स होते हैं। इन फॉलिकल्स को लगातार ऑक्सीजन और पोषण की जरूरत होती है। जब पैरों में ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है, तो हेयर फॉलिकल्स एक्टिव रहते हैं और बाल उगते हैं। लेकिन जब खून पहुंचना कम हो जाता है, चाहे नसें सिकुड़ने की वजह से हो या डैमेज होने से, तो फॉलिकल्स कमजोर पड़ जाते हैं और धीरे-धीरे बाल पतले होने लगते हैं, बाल झड़ने लगते हैं। कई बार पूरी तरह गायब हो जाते हैं। यही वजह है कि उंगलियों पर बाल रहना एक अच्छे ब्लड फ्लो का सिंपल लेकिन भरोसेमंद संकेत माना जाता है।
डॉक्टर बताते हैं कि जिन लोगों में इंसुलिन रेजिस्टेंस (आने वाली डायबिटीज का संकेत) होता है, उनकी नसों में धीरे-धीरे सूजन और कड़ापन आने लगता है। इससे खून का बहाव कम हो जाता है, खासकर पैरों और उंगलियों तक और जैसे ही सर्कुलेशन घटता है, उंगलियों के बाल झड़ने लगते हैं। मतलब यदि आपके पैरों की उंगलियों पर अचानक बाल कम होने लगे, तो डायबिटीज की शुरुआत, परिफेरल आर्टरी डिजीज, मेटाबॉलिक सिंड्रोम का शुरुआती संकेत हो।
अगर उंगलियों के बाल कम होने के साथ ये लक्षण भी दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। पैरों में ठंडक या सुन्नपन,जलन या झुनझुनी, छोटे घाव का देर से भरना, चलते समय पिंडलियों में दर्द, पैरों की त्वचा का चमकदार या फीका दिखना, ये सभी खराब रक्त संचार का संकेत देते हैं।
शुगर लेवल कंट्रोल में रखें, रोज 30-40 मिनट वॉक करें। धूम्रपान तुरंत बंद करें, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल चेक कराते रहें। पैरों की रोजाना देखभाल करें। ओमेगा-3, फाइबर और हेल्दी फैट्स अपनी डाइट में शामिल करें
पैर की उंगलियों पर बाल होना या न होना एक छोटा लेकिन असरदार संकेत है कि आपके पैरों में खून कितनी आसानी से पहुंच रहा है। यह अक्सर डायबिटीज या ब्लड फ्लो की समस्या पकड़ने का शुरुआती तरीका होता है। समझदारी यही है कि छोटे संकेतों को नजरअंदाज न करें और समय रहते लाइफस्टाइल बदलें।