स्वास्थ्य

मोटा नहीं दिखने वालों में भी मोटापा- MRI से चला पता, जानिए क्या कहती है NLM की रिपोर्ट

What is TOFI syndrome: क्या आप बाहर से पतले दिखते हैं लेकिन शरीर के अंदर खतरनाक फैट जमा हो सकता है? जानिए TOFI सिंड्रोम, विसरल फैट और इससे जुड़े डायबिटीज व हार्ट डिजीज के खतरे।
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Updated: 4 Jun 2026, 4:36 PM IST
What is TOFI syndrome Thin outside fat inside health risks Hidden visceral fat symptoms

Hidden Body Fat: अगर आपका वजन सामान्य है, पेट बाहर नहीं निकला है और BMI भी ठीक है, तो क्या इसका मतलब है कि आप पूरी तरह स्वस्थ हैं? जरूरी नहीं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) की रिपोर्ट के मुताबिक कई लोग बाहर से बिल्कुल फिट और पतले दिखाई देते हैं, लेकिन उनके शरीर के अंदर ऐसी जगहों पर चर्बी जमा होती रहती है जहां उसका होना खतरनाक माना जाता है। इस स्थिति को TOFI (Thin Outside, Fat Inside) कहा जाता है।

यह शब्द उस समय चर्चा में आया जब लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के शोधकर्ताओं ने MRI स्कैन के जरिए पाया कि कुछ पतले दिखने वाले लोगों के शरीर में भी काफी मात्रा में विसरल फैट मौजूद था।

बाहर से पतले, अंदर से मोटे कैसे?

आमतौर पर लोग शरीर पर दिखने वाली चर्बी को लेकर चिंतित रहते हैं। लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक असली खतरा उस चर्बी से होता है जो पेट के अंदर, लिवर, दिल और दूसरे महत्वपूर्ण अंगों के आसपास जमा होती है। इसे विसरल फैट कहा जाता है। यह बाहर से दिखाई नहीं देता, इसलिए कई बार व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि उसके शरीर के अंदर क्या चल रहा है शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ लोग सामान्य वजन होने के बावजूद अंगों के आसपास जरूरत से ज्यादा फैट जमा कर लेते हैं। ऐसे लोगों में आगे चलकर डायबिटीज, फैटी लिवर, हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है।

सिर्फ BMI देखकर न हों निश्चिंत

लंबे समय से BMI (Body Mass Index) को फिटनेस का पैमाना माना जाता रहा है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि BMI यह नहीं बताता कि शरीर में फैट कहां जमा है। संभव है कि दो लोगों का BMI एक जैसा हो, लेकिन एक व्यक्ति के शरीर में विसरल फैट ज्यादा हो और दूसरे में कम। यही वजह है कि केवल वजन देखकर सेहत का सही अंदाजा लगाना मुश्किल है।

किन लोगों में ज्यादा होता है खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग दिनभर बैठे रहते हैं, नियमित एक्सरसाइज नहीं करते या ज्यादातर समय स्क्रीन के सामने बिताते हैं, उनमें TOFI का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा आनुवंशिक कारण भी अहम भूमिका निभाते हैं। कुछ लोगों का शरीर फैट को त्वचा के नीचे जमा करने के बजाय सीधे अंगों के आसपास स्टोर करता है।

कैसे करें बचाव?

अच्छी बात यह है कि जीवनशैली में छोटे बदलाव इस जोखिम को कम कर सकते हैं। रोजाना तेज चाल से चलना, सीढ़ियां चढ़ना, नियमित व्यायाम करना और दाल, साबुत अनाज, फल व सब्जियों से भरपूर संतुलित भोजन लेना मददगार हो सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ वजन कम करने पर नहीं, बल्कि शरीर में फैट के सही वितरण पर भी ध्यान देना जरूरी है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
4 Jun 2026, 4:36 PM IST
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