Oral Cancer Alert: जीभ के कैंसर के शुरुआती लक्षण पहचानें। जानें कारण, बचाव और कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। समय पर इलाज से बच सकती है जान।
Tongue Cancer Alert: जीभ हमारे शरीर का बहुत जरूरी हिस्सा है। यह हमें स्वाद पहचानने, बोलने और खाने में मदद करती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जीभ हमारी सेहत के कई राज भी खोल सकती है। कई बार जीभ में होने वाले छोटे बदलाव किसी बड़ी बीमारी का संकेत हो सकते हैं, जैसे Oral Cancer। सीनियर कंसल्टेंट Dr. Yash Mathur कहते हैं कि जीभ के कैंसर के लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि शुरुआती स्टेज में इसका इलाज आसानी से हो सकता है।
जीभ के कैंसर का सबसे आम प्रकार स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा होता है। यह जीभ की ऊपरी परत की कोशिकाओं में शुरू होता है। इसके पीछे मुख्य कारण तंबाकू, शराब और Human papillomavirus (HPV) संक्रमण हो सकते हैं। अगर इसे समय पर पहचान लिया जाए तो इलाज काफी आसान हो जाता है।
डॉ. यश माथुर के अनुसार, इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसके लक्षण शुरुआत में बहुत मामूली लगते हैं। इसलिए लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ये संकेत दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:
भारत में Oral Cancer के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण तंबाकू का ज्यादा इस्तेमाल है—जैसे सिगरेट, बीड़ी, गुटखा और पान। इसके अलावा ज्यादा शराब पीना, मुंह की सफाई ठीक से न करना और HPV संक्रमण भी इसके कारण हैं। आजकल बिना किसी बड़ी वजह के युवा भी इस बीमारी का शिकार हो रहे हैं।
अगर जीभ का कैंसर समय पर पकड़ में आ जाए, तो इसका इलाज काफी आसान होता है। शुरुआती स्टेज में छोटी सर्जरी से ही मरीज ठीक हो सकता है और उसे ज्यादा परेशानी भी नहीं होती। लेकिन अगर देर हो जाए, तो बीमारी गंभीर हो सकती है। ऐसे में कीमोथेरेपी, रेडिएशन और बड़ी सर्जरी की जरूरत पड़ती है, जिससे रिकवरी भी मुश्किल हो जाती है।
आजकल जीभ के कैंसर के इलाज में काफी सुधार हुआ है। रोबोटिक सर्जरी जैसी तकनीक से डॉक्टर बहुत सटीक तरीके से ट्यूमर निकाल सकते हैं। इससे मरीज जल्दी ठीक होता है और बोलने व खाने की क्षमता पर कम असर पड़ता है।
इस बीमारी से बचने के लिए कुछ आसान बातें ध्यान रखें:
अगर जीभ या मुंह में कोई भी समस्या 2 हफ्ते से ज्यादा रहे, तो उसे नजरअंदाज न करें। सही समय पर जांच और इलाज से बड़ी बीमारी से बचा जा सकता है।