Tuberculosis Symptoms In Young Adults: युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है टीबी का खतरा। 2 हफ्ते से ज्यादा की खांसी को न करें नजरअंदाज, समय रहते पहचानें ये लक्षण और खुद को रखें सुरक्षित।
Tuberculosis Symptoms In Young Adults: आजकल के युवा काम और करियर के पीछे इतने बिजी हैं कि अपनी सेहत को भूल ही गए हैं। ऑफिस और कॉलेज की डेडलाइन, रात-रात भर जागना और बाहर का खाना ये सब हमारी बॉडी को अंदर से कमजोर कर रहा है। क्या आपको भी लगता है कि हल्की खांसी या थकान बस ऑफिस के स्ट्रेस की वजह से है? अगर हां, तो थोड़ा संभल जाइए! डॉक्टरों का कहना है कि अब टीबी (Tuberculosis) सिर्फ बूढ़े लोगों की बीमारी नहीं रही, बल्कि ये शहर में रहने वाले और दफ्तर जाने वाले नौजवानों को अपना शिकार बना रही है। इसे इग्नोर करना भारी पड़ सकता है।
आज के दौर में 20 से 35 साल के युवा सबसे ज्यादा एक्टिव दिखते हैं, लेकिन अंदरूनी तौर पर उनकी इम्यूनिटी कमजोर हो रही है। जिससे युवाओं में टीबी के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि एसी की हवा, बढ़ता प्रदूषण या मौसम बदलने की वजह से खांसी हो रही है, लेकिन अगर यह खांसी 2 हफ्ते से ज्यादा खिंच जाए, तो यह टीबी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
डॉ. पाल्वे अस्पताल के अनुसार इसकी वजह है अर्बन लाइफस्टाइल। बंद दफ्तरों में घंटों बैठना, भीड़भाड़ वाली मेट्रो या बसों में सफर करना और प्रदूषण के बीच रहना। ऐसे माहौल में टीबी के बैक्टीरिया हवा के जरिए आसानी से फैलते हैं। युवाओं में एक और गलत आदत है, खुद का डॉक्टर बनना। मेडिकल स्टोर से जाकर कोई भी कफ सिरप ले लेना या एंटीबायोटिक खा लेना बीमारी को और खतरनाक बना देता है। इससे सही समय पर इलाज नहीं मिल पाता और इंफेक्शन फेफड़ों के साथ-साथ परिवार और कलीग्स तक भी पहुंच जाता है।
टीबी से डरने की जरूरत नहीं है, बस सावधान रहने की जरूरत है। अपनी डाइट में प्रोटीन (दालें, पनीर, अंडे) शामिल करें। कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें ताकि आपकी इम्यूनिटी मजबूत रहे। अगर खांसी लंबी चले, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। टीबी का इलाज अब पूरी तरह मुमकिन है और समय पर पता चलने पर आप बहुत जल्दी रिकवर कर सकते हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।