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Ulnar Nerve Entrapment: सोते समय या कोहनी मोड़ने पर हाथ सुन्न हो जाता है? जॉन हॉपकिंस मेडिसिन ने बताया हो सकता है अल्नर नर्व एंट्रैपमेंट

Ulnar Nerve Entrapment Cause: सोते समय या कोहनी मोड़ने पर हाथ-उंगलियां सुन्न हो जाती हैं? जॉन हॉपकिंस मेडिसिन और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार यह अल्नर नर्व एंट्रैपमेंट हो सकता है। जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय क्या हैं।
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Sep 28, 2026
ulnar nerve compression in the cubital tunnel at the elbow causing hand numbness
सोते समय या कोहनी मोड़ने पर हाथ सुन्न क्यों हो जाता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Ulnar Nerve Entrapment Hindi: रात को सोते समय अचानक हाथ में झनझनाहट होकर नींद खुल जाना या फोन पर बात करते-करते हाथ की छोटी उंगली का बिल्कुल सुन्न पड़ जाना, एक ऐसी परेशानी है जिसे बहुत से लोग कभी न कभी महसूस करते हैं। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ खून का दौरा रुकना या गलत करवट सोना मानकर हाथ को झटकते हैं और भूल जाते हैं। लेकिन अगर आपकी कोहनी मोड़ने, टाइपिंग करने, गाड़ी चलाने या सोने के दौरान हाथ बार-बार सुन्न हो रहा है, तो यह कोई मामूली बात नहीं है। मेडिकल की दुनिया में इसे अल्नर नर्व एंट्रैपमेंट (Ulnar Nerve Entrapment) या क्यूबिटल टनल सिंड्रोम (Cubital Tunnel Syndrome) कहा जाता है। जॉन हॉपकिंस मेडिसिन और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह समस्या तब पैदा होती है जब हाथ की मुख्य नसों में से एक पर लगातार दबाव पड़ता है। समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो हाथों की पकड़ कमजोर हो सकती है। आइए जानते हैं इसके कारण और लक्षण क्या हैं?

अल्नर नर्व क्या है और यह क्यों दबती है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, हमारी गर्दन से निकलकर हाथ की उंगलियों तक कई नसें जाती हैं। इनमें से एक सबसे जरूरी नस है अल्नर नर्व। यह नस कंधे से होकर कोहनी के अंदरूनी हिस्से से गुजरती है और कलाई से होते हुए हमारी छोटी उंगली (Little Finger) और उसके पास वाली अनामिका (Ring Finger) तक पहुंचती है। कोहनी के पीछे जिस जगह से यह नस गुजरती है, वहां हड्डियों और मांसपेशियों के बीच एक बहुत संकरी जगह होती है, जिसे 'क्यूबिटल टनल' कहते हैं। यह वही जगह है जहां कभी कोहनी किसी चीज से टकरा जाए तो बिजली का तेज करंट सा लगता है, जिसे आम भाषा में 'फनी बोन' कहा जाता है। जब किसी वजह से इस संकरी सुरंग में नस पर लगातार दबाव पड़ता है, नस खिंचती है या सूज जाती है, तो नसों के सिग्नल रुकने लगते हैं और हाथ में सुन्नपन शुरू हो जाता है।

इन मुख्य लक्षणों को पहचानना है बेहद जरूरी

जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, अल्नर नर्व पर दबाव बनने पर शरीर कुछ खास संकेत देने लगता है;

  • उंगलियों में सुन्नपन और झनझनाहट।
  • कोहनी मोड़ने पर तकलीफ बढ़ना।
  • हाथों की पकड़ कमजोर होना।
  • हाथ की मांसपेशियों का सूखना।

यह परेशानी किन वजहों और गलत आदतों से होती है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, यह समस्या किसी बीमारी से ज्यादा हमारी रोजमर्रा की गलत आदतों और शारीरिक बनावट के कारण जन्म लेती है;

  • लंबे समय तक कोहनी मोड़कर रखनाज्यादा मोड़े रखना।
  • कोहनी पर ज्यादा देर तक वजन देना।
  • कोहनी की पुरानी चोट।
  • गठिया या सूजन की बीमारियां।

डॉक्टर इसकी जांच कैसे करते हैं?

यदि आपको हफ्ते में कई बार यह लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो किसी न्यूरोलॉजिस्ट या ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर सबसे पहले हाथ और कोहनी का शारीरिक परीक्षण करते हैं, नस को हल्के से थपथपाकर देखते हैं कि करंट जैसा महसूस होता है या नहीं। इसके बाद बीमारी की पुष्टि और गंभीरता जानने के लिए नर्व कंडक्शन स्टडी (NCS) और इलेक्ट्रोमायोग्राफी (EMG) कराई जाती है। इन टेस्ट से यह साफ हो जाता है कि नस पर दबाव किस जगह है और नस को कितना नुकसान पहुंचा है।

बचाव और सही इलाज के क्या हैं विकल्प?

  • फोन पर बात करते समय ईयरफोन का इस्तेमाल करें ताकि कोहनी देर तक मुड़ी न रहे।
  • डेस्क पर बैठते समय कोहनी के नीचे तकिया या नर्म पैड रखें।
  • रात को सोते समय कोहनी को सीधा रखने के लिए डॉक्टर एक हल्का ब्रेस या पैड पहनें।
  • नर्व ग्लाइडिंग एक्सरसाइज।
  • दर्द और सूजन कम करने के लिए एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवाएं दी जाती हैं।
  • यदि दवाओं और परहेज के बाद भी हाथ का सुन्नपन ठीक न हो, मांसपेशियों में कमजोरी आने लगे या नस गंभीर रूप से दब चुकी हो, तो एक छोटी सी सर्जरी के जरिए क्यूबिटल टनल को खोलकर नस का दबाव हटा दिया जाता है।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
28 Sept 2026 07:15 am
Published on:
28 Sept 2026 07:15 am
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