Urinary Tract Infection: बार-बार पेशाब आना, जलन या पेशाब में खून दिखना हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत। जानिए यूरोलॉजिस्ट डॉ. रवि गुप्ता की जरूरी सलाह।
Urinary Symptoms: अक्सर लोग पेशाब से जुड़ी छोटी-छोटी परेशानियों को नजरअंदाज कर देते हैं। पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना या कमर के नीचे दर्द जैसी समस्याओं को लोग पानी कम पीने, उम्र बढ़ने या सामान्य संक्रमण समझकर टाल देते हैं। लेकिन यूरोलॉजिस्ट डॉ. रवि गुप्ता ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि कई बार यही मामूली दिखने वाले लक्षण गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं।
डॉ. गुप्ता बताते हैं कि मूत्राशय कैंसर, किडनी कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और यूरिनरी ट्रैक्ट से जुड़ी दूसरी बीमारियां शुरुआत में बहुत हल्के लक्षणों के साथ सामने आती हैं। अगर इन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए, तो बीमारी गंभीर हो सकती है।
डॉक्टर के अनुसार, अगर पेशाब में खून दिखे, चाहे वह एक बार ही क्यों न हो और दर्द न भी हो, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह यूरिनरी ट्रैक्ट कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है।
अगर आपको ये समस्याएं बार-बार हो रही हैं, तो डॉक्टर से जांच जरूर करवानी चाहिए:
कई बार ये लक्षण सामान्य यूटीआई या बढ़े हुए प्रोस्टेट जैसे लगते हैं, इसलिए लोग इन्हें गंभीरता से नहीं लेते। लेकिन सही कारण पता लगाने के लिए जांच जरूरी होती है।
वो कहते हैं, 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को खास सतर्क रहने की जरूरत है। इसके अलावा धूम्रपान करने वाले लोग। रसायनों के संपर्क में काम करने वाले के साथ ही जिनके परिवार में कैंसर की हिस्ट्री हो और मधुमेह और ब्लड प्रेशर के मरीज में जोखिम ज्यादा हो सकता है।
अगर बीमारी शुरुआती अवस्था में पकड़ में आ जाए, तो इलाज आसान और ज्यादा असरदार हो सकता है। लेकिन देर होने पर सर्जरी, रेडिएशन या लंबा इलाज करना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि शरीर बार-बार किसी समस्या का संकेत दे रहा हो, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर पेशाब से जुड़ी परेशानी अगर कई दिनों तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।