
Urination At Night: सर्दियां शुरू हो गयी हैं और हम कंबल से बाहर निकलने में आलस महसूस करते हैं। अब ऐसे में सोचिए कि रात की इतनी ठंड में आपको पेशाब के लिए बार-बार वॉशरूम जाना पड़े तो क्या हालत होगी। अब इतना सुनते ही सबको अपनी स्थिति याद आ गयी होगी। हम में से काफी ऐसे लोग हैं जिन्हें न जाने कितनी ही बार रात को इस कारण की वजह से उठना पड़ता है। कुछ लोगों में तो यह स्थिति इतनी खराब होती है कि उनको रात की पूरी नींद कभी नसीब ही नहीं हो पाती है। विज्ञान की भाषा में इसे नोक्टूरिया कहा जाता है। आइए डॉ. मनोज जांगिड़ से जानते हैं कि ऐसा किस कारण से होता है और इससे बचने में कौन से 4 उपाय कारगर साबित हो सकते हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि जब आप रात में एक बार से ज्यादा पेशाब करने के लिए उठते हैं, तो विज्ञान इसे पैथोलॉजिकल नोक्टूरिया कहता है। वास्तव में नोक्टूरिया एक मेडिकल भाषा का शब्द है जिसका प्रयोग रात में पेशाब के लिए उठने के लिए होता है। डॉ. मनोज बताते हैं कि जब हम सोते हैं तो हमारा शरीर आराम की अवस्था में होता है और इस दौरान सभी शारीरिक क्रियाएं भी धीरे-धीरे ही होती हैं। यहां तक कि एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में पूरी रात में सिर्फ इतना ही यूरिन बन पाता है कि उसे रात में सिर्फ एक बार उठना पड़े। अब यदि कोई एक बार से ज्यादा बार उठता है, तो उसके शरीर का रेस्ट साइकिल पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। ज्यादातर लोगों का मानना होता है कि यह वृद्धावस्था में ज्यादा होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। यह कोई बीमारी नहीं है बल्कि यह तो एक डिसऑर्डर है और इससे कोई भी प्रभावित हो सकता है।
पैथोलॉजिकल नोक्टूरिया वास्तव में वह स्थिति होती है जब रात में व्यक्ति को बार-बार पेशाब जाने के लिए उठना पड़ता है। यह कोई बीमारी नहीं है लेकिन कभी-कभी यह किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। आइए जानते हैं कि वे कौन-कौन से कारण हैं जिनकी वजह से हमें रात में बार-बार पेशाब जाने के लिए उठना पड़ता है: