
Cyclospora Infection: गर्मियों और बारिश के मौसम में लोग अक्सर पेट खराब होने या फूड पॉइजनिंग की शिकायत करते हैं। लेकिन अगर कई दिनों तक पानी जैसे दस्त (Watery Diarrhea) बंद ही नहीं हो रहे, पेट में तेज मरोड़ है और कमजोरी लगातार बढ़ रही है, तो इसे सिर्फ सामान्य फूड पॉइजनिंग समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में इसकी वजह Cyclospora नाम का एक सूक्ष्म परजीवी (Parasite) भी हो सकता है।
हाल ही में अमेरिका के कई राज्यों में Cyclospora संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। CDC इसकी जांच कर रहा है। शुरुआती जांच में शक ताजा फल, पत्तेदार सब्जियों और हर्ब्स (जैसे धनिया और तुलसी) पर जताया जा रहा है, हालांकि अभी तक किसी एक खाद्य पदार्थ की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के अनुसार, Cyclospora Cyclospora cayetanensis नाम के सूक्ष्म परजीवी से होने वाला संक्रमण है। यह छोटी आंत (Small Intestine) को प्रभावित करता है और आमतौर पर दूषित भोजन या पानी के जरिए शरीर में पहुंचता है। यह संक्रमण सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से नहीं फैलता। परजीवी को शरीर से बाहर आने के बाद कुछ दिनों तक वातावरण में विकसित होना पड़ता है, इसलिए इसका सबसे बड़ा स्रोत दूषित पानी से उगाई गई सब्जियां और फल माने जाते हैं।
CDC के अनुसार इसके लक्षण संक्रमित भोजन खाने के करीब एक हफ्ते बाद शुरू हो सकते हैं।
अगर इलाज न मिले तो यह संक्रमण कई हफ्तों या महीनों तक बना रह सकता है। कई बार लक्षण कुछ दिन ठीक होकर फिर दोबारा शुरू हो जाते हैं।
WHO और CDC के अनुसार इन लोगों में बीमारी गंभीर हो सकती है-
Cyclospora संक्रमण के लक्षण सामान्य फूड पॉइजनिंग जैसे हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षण देखकर इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। CDC के अनुसार इसकी पहचान के लिए विशेष Stool Test किया जाता है, जिसमें मल के नमूने में Cyclospora परजीवी की जांच की जाती है। पुष्टि होने पर डॉक्टर उचित एंटीबायोटिक और अन्य उपचार शुरू करते हैं।
WHO और CDC की सलाह है कि संक्रमण से बचने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाएं-
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।