स्वास्थ्य

Vaginal Discharge: महिलाओं में होने वाला डिस्चार्ज कब बीमारी का संकेत होता है? NHS ने बताए डिस्चार्ज के रंगों का मतलब

Vaginitis Symptoms: महिलाओं में होने वाला डिस्चार्ज कब सामान्य और कब बीमारी का संकेत होता है? NHS, ACOG और Mayo Clinic के अनुसार जानिए डिस्चार्ज के रंगों का मतलब।
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Updated: 11 Jun 2026, 12:14 PM IST
Vaginitis Symptoms Yeast Infection Bacterial Vaginosis Women's Health
प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

Types of Vaginal Discharge: महिलाओं के शरीर में होने वाले कई बदलाव ऐसे होते हैं जिनके बारे में खुलकर बात नहीं की जाती। योनि (Vagina) से होने वाला डिस्चार्ज भी उन्हीं में से एक है। कई महिलाएं इसे देखकर घबरा जाती हैं, जबकि कुछ महिलाएं असामान्य बदलावों को भी सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन क्या हर तरह का डिस्चार्ज सामान्य होता है? क्या डिस्चार्ज का रंग किसी बीमारी का संकेत दे सकता है?

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS), अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टेट्रिशियंस एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG) और मायो क्लिनिक की जानकारी बताती है कि डिस्चार्ज महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन इसके रंग, गंध और बनावट में कुछ बदलाव संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की ओर इशारा कर सकते हैं।

आखिर डिस्चार्ज होता क्यों है?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि डिस्चार्ज कोई बीमारी नहीं है। योनि और गर्भाशय ग्रीवा (Cervix) प्राकृतिक रूप से तरल पदार्थ बनाते हैं। यह शरीर का अपना सफाई तंत्र है, जो मृत कोशिकाओं और बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करता है। यही कारण है कि स्वस्थ महिलाओं में भी डिस्चार्ज होता है। इसकी मात्रा हर महिला में अलग-अलग हो सकती है। ओव्यूलेशन, गर्भावस्था, यौन उत्तेजना और हार्मोनल बदलावों के दौरान डिस्चार्ज बढ़ना सामान्य माना जाता है।

कैसा डिस्चार्ज सामान्य माना जाता है?

NHS के मुताबिक, सामान्य डिस्चार्ज आमतौर पर पारदर्शी (Clear) होता है। सफेद या दूधिया रंग का हो सकता है। हल्का चिपचिपा या पतला हो सकता है। इसमें तेज या बदबूदार गंध नहीं होती। मासिक धर्म चक्र के अलग-अलग समय में इसका रंग और मात्रा थोड़ा बदल सकती है, जो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती।

सफेद डिस्चार्ज कब बीमारी का संकेत बन सकता है?

सफेद डिस्चार्ज हमेशा सामान्य नहीं होता। Mayo Clinic के अनुसार, यदि सफेद डिस्चार्ज पनीर (Cottage Cheese) जैसा दिखने लगे और इसके साथ खुजली, जलन या लालिमा भी हो, तो यह यीस्ट इंफेक्शन (Yeast Infection) का संकेत हो सकता है। यह संक्रमण काफी आम है और कई महिलाओं को जीवन में कभी न कभी इसका सामना करना पड़ता है।

पीला या हरा डिस्चार्ज क्या बताता है?

यदि डिस्चार्ज का रंग पीला, गहरा पीला या हरा हो जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ACOG और NHS के अनुसार, ऐसा डिस्चार्ज बैक्टीरियल संक्रमण या यौन संचारित संक्रमण (STI) का संकेत हो सकता है। खासकर यदि इसके साथ खुजली हो, जलन हो, पेशाब करते समय दर्द हो, दुर्गंध महसूस हो तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

ग्रे रंग का डिस्चार्ज किस बीमारी का संकेत हो सकता है?

ग्रे या धूसर रंग का डिस्चार्ज अक्सर बैक्टीरियल वेजिनोसिस (Bacterial Vaginosis) से जुड़ा होता है। Mayo Clinic और ACOG के अनुसार, इस स्थिति में डिस्चार्ज के साथ मछली जैसी तेज गंध महसूस हो सकती है, जो संभोग के बाद और ज्यादा स्पष्ट हो सकती है। यह योनि में अच्छे और खराब बैक्टीरिया के संतुलन बिगड़ने के कारण होता है।

गुलाबी या भूरे रंग का डिस्चार्ज कब होता है?

कई बार महिलाओं को गुलाबी या भूरे रंग का डिस्चार्ज दिखाई देता है। यह अक्सर पीरियड्स शुरू होने से पहले या खत्म होने के बाद पुराने खून के बाहर निकलने के कारण हो सकता है। हालांकि अगर यह बार-बार हो रहा हो, पीरियड्स से जुड़ा न हो या रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

सिर्फ रंग ही नहीं, इन संकेतों पर भी ध्यान दें

डिस्चार्ज के साथ दिखाई देने वाले कुछ लक्षण संक्रमण का संकेत हो सकते हैं।

  • योनि में लगातार खुजली
  • जलन या सूजन
  • तेज दुर्गंध
  • संभोग के दौरान दर्द
  • पेशाब करते समय जलन
  • निचले पेट या पेल्विक हिस्से में दर्द

यदि इनमें से कोई भी लक्षण मौजूद हो, तो स्वयं दवा लेने के बजाय स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना बेहतर होता है।

क्या हर असामान्य डिस्चार्ज संक्रमण ही होता है?

ACOG के अनुसार, हार्मोनल बदलाव, गर्भावस्था, तनाव, कुछ दवाएं और जन्म नियंत्रण के तरीके भी डिस्चार्ज को प्रभावित कर सकते हैं। यही वजह है कि केवल रंग देखकर बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है।

महिलाओं को क्या करना चाहिए?

  • निजी अंगों की सफाई का ध्यान रखें
  • बहुत ज्यादा सुगंधित प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें
  • असामान्य गंध या रंग को नजरअंदाज न करें
  • बार-बार संक्रमण होने पर डॉक्टर से सलाह लें
  • किसी भी तरह की दवा बिना सलाह के न लें

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
11 Jun 2026, 12:14 PM IST
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