स्वास्थ्य

Vertigo: बिना हिले भी क्यों लगता है आसपास का कमरा घूम रहा है? मेयो क्लिनिक से जानें क्या है वर्टिगो

Vertigo Cause: बिना हिले भी अचानक कमरा क्यों घूमने लगता है? मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानिए वर्टिगो (Vertigo) के लक्षण, कारण और क्यों होता है चक्कर का अहसास और कब हो जाएं सावधान?
2 min read
• •
Updated: 4 Nov 2026, 12:28 PM IST
A person holding their head in dizziness experiencing vertigo symptoms in a room
बिना हिले-डुले अचानक कमरा घूमने का अहसास वर्टिगो (Vertigo) का लक्षण हो सकता है, जिसे कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Vertigo Symptoms: कई बार हम आराम से बैठे होते हैं या बिस्तर पर लेटे होते हैं, और अचानक ऐसा झटका लगता है मानो पूरा कमरा, पंखा और दीवारें गोल-गोल घूमने लगी हों। दिमाग सुन्न हो जाता है और समझ नहीं आता कि ये अचानक क्या हो गया। आम बोलचाल में हम इसे चक्कर आना कहकर टाल देते हैं, लेकिन मेडिकल की भाषा में इसे वर्टिगो (Vertigo) कहा जाता है। ये कोई आम कमजोरी या थकान नहीं है, बल्कि शरीर के अंदरूनी बैलेंस सिस्टम का सिग्नल है जो गड़बड़ा गया है। आइए जानते हैं कि जब आराम से सो रहें हैं या बैठे हैं फिर बीच सब कुछ घूमता हुआ क्यों लगता है? इसके पीछे क्या कारण हैं और हम इससे कैसे बच सकते हैं?

दिमाग को क्यों लगता है कि सब घूम रहा है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, हमारी बॉडी का बैलेंस दो चीजें संभालती हैं एक हमारा कान (खासकर अंदरूनी हिस्सा) और दूसरा हमारा दिमाग। कान के अंदर एक ऐसा सिस्टम होता है जो दिमाग को बताता है कि हम सीधे हैं, लेटे हैं या घूम रहे हैं। जब किसी वजह से इस सिस्टम में गड़बड़ी आ जाती है, तो कान गलत सिग्नल दिमाग को भेजने लगता है। नतीजा ये होता है कि आप बिल्कुल स्थिर बैठे हैं, लेकिन आपके दिमाग को लगता है कि आप किसी झूले पर बैठे घूम रहे हैं।

क्यों होता है वर्टिगो?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, कान के अंदर क्रिस्टल का अपनी जगह से हिल जाना (BPPV) वर्टिगो की सबसे बड़ी वजह है। हमारे कान के अंदर बहुत बारीक कैल्शियम के क्रिस्टल होते हैं। जब ये अपनी तय जगह से खिसक कर गलत रास्ते पर चले जाते हैं, तो सिर थोड़ा सा भी हिलते ही चक्कर के तेज भंवर उठने लगते हैं। कान के अंदरूनी हिस्से में सूजन या इन्फेक्शन हो जाए, तब भी बैलेंस बिगाड़ने वाली नसें काम करना बंद कर देती हैं। मेनियर डिसीज (Meniere's Disease) में कान के अंदर एक खास फ्लूइड (तरल पदार्थ) का प्रेशर बढ़ने लगता है। इससे चक्कर तो आते ही हैं, साथ ही कान में अजीब सी आवाज़ें (सीटी जैसी) सुनाई देती हैं और कम सुनाई देने लगता है। कई बार माइग्रेन वाले सिरदर्द के साथ भी वर्टिगो का अटैक आता है।

कैसे पहचानेंगे कि ये वर्टिगो ही है?

  • आंखें बंद करने या खोलने पर भी ऐसा लगना कि सब कुछ तैर रहा है या फिसल रहा है।
  • अचानक से जी मिचलाना और उल्टी जैसा मन होना।
  • खड़े होने या सीधा चलने की कोशिश करने पर एक तरफ लुढ़क जाना।
  • सिर भारी होना और माथे पर ठंडा पसीना आना।

अगर अचानक चक्कर आ जाए, तो तुरंत क्या करें?

  • फौरन बैठ या लेट जाएं।
  • सिर को झटका न दें।
  • तेज रोशनी और स्क्रीन से दूर रहें।

चक्कर आना या वर्टिगो कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसे आप दो दिन की गोली खाकर या नींबू पानी पीकर नजरअंदाज कर दें। अगर आपको बार-बार ऐसा लग रहा है कि बिना बात के कमरा घूम रहा है, तो समझ लीजिए कि आपका अंदरूनी कान या दिमाग आपसे कुछ कहना चाह रहा है। इसे सिर्फ बीपी लो या थकान समझकर टालना खतरनाक साबित हो सकता है। घर पर नुस्खे आजमाने के बजाय सीधे किसी अच्छे ईएनटी (ENT) या न्यूरोलॉजिस्ट से मिलें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
4 Nov 2026, 12:28 PM IST
Published on: