
Vitamin D Deficiency Symptoms: थकान, शरीर में दर्द या बार-बार बीमार पड़ना, अक्सर लोग इन समस्याओं को बढ़ती उम्र, काम के दबाव या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार इसके पीछे एक ऐसी कमी छिपी होती है, जो शरीर के लगभग हर हिस्से को प्रभावित कर सकती है। हम बात कर रहे हैं Vitamin D की।
Vitamin D को अक्सर सनशाइन विटामिन कहा जाता है, क्योंकि शरीर इसे सूरज की रोशनी की मदद से बनाता है। लेकिन आजकल लंबे समय तक घर या ऑफिस में रहने, कम धूप मिलने और खानपान की वजह से Vitamin D की कमी तेजी से बढ़ रही है। अमेरिका की Mayo Clinic, National Institutes of Health (NIH) और ब्रिटेन की NHS के अनुसार Vitamin D सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों, इम्यून सिस्टम और शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए जरूरी है।
अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी शरीर थका-थका महसूस करता है, तो यह Vitamin D की कमी का संकेत हो सकता है। कुछ अध्ययनों में Vitamin D की कमी और लगातार थकान के बीच संबंध पाया गया है।
Vitamin D शरीर को कैल्शियम अवशोषित करने में मदद करता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और पीठ, कमर या जोड़ों में दर्द महसूस हो सकता है।
सीढ़ियां चढ़ते समय कमजोरी लगना या मांसपेशियों में दर्द महसूस होना भी Vitamin D की कमी से जुड़ा हो सकता है।
Vitamin D इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
अगर किसी चोट या सर्जरी के बाद घाव सामान्य से ज्यादा समय में भर रहा है, तो इसके पीछे Vitamin D की कमी एक कारण हो सकती है।
कुछ रिसर्च में पाया गया है कि कम Vitamin D स्तर और मूड से जुड़ी समस्याओं के बीच संबंध हो सकता है। हालांकि इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं।
बाल झड़ने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में Vitamin D की कमी भी इससे जुड़ी देखी गई है।
लंबे समय तक Vitamin D की कमी रहने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, जिससे फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ सकता है।
NHS के अनुसार बच्चों में गंभीर Vitamin D की कमी रिकेट्स (Rickets) नामक स्थिति का कारण बन सकती है, जिसमें हड्डियां नरम और कमजोर हो जाती हैं।
Vitamin D मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी बुजुर्गों में संतुलन बिगड़ने और गिरने का जोखिम बढ़ा सकती है।
नियमित रूप से सुरक्षित धूप लें। Vitamin D से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं, जैसे तैलीय मछली, अंडे की जर्दी और फोर्टिफाइड फूड और डॉक्टर की सलाह के बिना सप्लीमेंट्स लेना शुरू न करें। साथ ही जरूरत पड़ने पर Vitamin D टेस्ट करवाएं।
Mayo Clinic के अनुसार Vitamin D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरूरी है और इसकी कमी हड्डियों की कमजोरी, मांसपेशियों की समस्या और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ी हो सकती है। वहीं NIH और NHS भी मानते हैं कि पर्याप्त Vitamin D स्वस्थ हड्डियों, दांतों और इम्यून सिस्टम के लिए आवश्यक है। ध्यान रखें कि ऊपर बताए गए लक्षण सिर्फ Vitamin D की कमी के कारण ही नहीं होते। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना और जरूरत पड़ने पर जांच करवाना जरूरी है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।