
WHO Dengue Guidelines for Children: बरसात का मौसम आते ही डेंगू के मामले बढ़ने लगते हैं। कई माता-पिता सोचते हैं कि डेंगू सिर्फ कुछ दिनों का बुखार है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बच्चों में यह बीमारी तेजी से गंभीर रूप ले सकती है।
इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए World Health Organization (WHO) ने जून 2026 में पहली बार बच्चों पर केंद्रित डेंगू उपचार (Child-Focused Dengue Treatment) को लेकर विशेष गाइडलाइन जारी की है। WHO का कहना है कि दुनिया भर में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और छोटे बच्चों में गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक होता है।
WHO का कहना है कि डेंगू अब दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में फैल चुका है और यह बच्चों के लिए बड़ा स्वास्थ्य खतरा बनता जा रहा है। साल 2024 में दुनिया भर में 1.4 करोड़ से ज्यादा डेंगू के मामले और 10 हजार से अधिक मौतें दर्ज की गईं। बच्चों, खासकर कम उम्र के बच्चों में गंभीर डेंगू का खतरा अधिक पाया गया है।
WHO के मुताबिक अभी तक डेंगू के इलाज के लिए कोई ऐसी लाइसेंस प्राप्त दवा उपलब्ध नहीं है जो सीधे वायरस को खत्म कर सके। फिलहाल मरीजों का इलाज लक्षणों को नियंत्रित करने और शरीर में पानी की कमी पूरी करने पर आधारित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की जरूरतें वयस्कों से अलग होती हैं। इसलिए डेंगू की दवाओं और उपचार पर रिसर्च की शुरुआत से ही बच्चों को ध्यान में रखना जरूरी है। इसी उद्देश्य से WHO ने Pediatric Drug Optimization Process (PADO) रिपोर्ट जारी की है।
शुरुआत में डेंगू सामान्य वायरल बुखार जैसा लग सकता है। बच्चों में ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
इन लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
WHO के अनुसार कुछ चेतावनी संकेत ऐसे हैं जिन्हें बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये Severe Dengue की शुरुआत हो सकते हैं।
अगर बच्चा बार-बार उल्टी कर रहा है और कुछ भी खा-पी नहीं पा रहा है।
लगातार या बढ़ता हुआ पेट दर्द गंभीर संकेत हो सकता है।
बच्चा बहुत ज्यादा सुस्त दिखे या असामान्य रूप से चिड़चिड़ा हो जाए।
यह प्लेटलेट्स या रक्तस्राव संबंधी जटिलताओं का संकेत हो सकता है।
यह स्थिति तुरंत चिकित्सा सहायता की मांग करती है।
यह शरीर में रक्त संचार प्रभावित होने का संकेत हो सकता है।
डिहाइड्रेशन और गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है।
बच्चों के शरीर में तरल पदार्थ (Fluid Balance) तेजी से प्रभावित हो सकता है। गंभीर मामलों में रक्त वाहिकाओं से प्लाज्मा लीक होने लगता है, जिससे शॉक, अंगों को नुकसान और जान का खतरा तक पैदा हो सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।