Lipstick Tester Se Herpes: क्या आप भी मॉल में लिपस्टिक टेस्टर सीधे होंठों पर लगाती हैं? एक महिला को टेस्टर यूज करने से हुआ हर्पीज वायरस। जानिए कैसे आप बिना किसी रिस्क के अपनी स्किन को सुरक्षित रख सकती हैं।
Lipstick Tester Se Herpes: बाजार या मॉल में शॉपिंग करते वक्त मेकअप की दुकानों पर सजी रंग-बिरंगी लिपस्टिक और कॉस्मेटिक्स देख कर किसी भी महिला का मन ललचा जाता है। हम अक्सर बिना सोचे-समझे शेड चेक करने के लिए टेस्टर को सीधे अपने होंठों पर लगा लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह छोटी सी लापरवाही आपको रोग दे सकती है? हाल ही में एक महिला को सिर्फ स्टोर में लिपस्टिक टेस्टर इस्तेमाल करने की वजह से हर्पीज जैसा खतरनाक वायरस हो गया।
एक महिला ने कॉस्मेटिक स्टोर में जाकर कॉमन लिपस्टिक टेस्टर का इस्तेमाल किया, जिसके कुछ समय बाद उसे अपने होंठों के पास अजीब से छाले और दर्द महसूस होने लगा। डॉक्टर की जांच में पता चला कि उसे हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस (HSV-1) हो गया है।
डॉक्टरों के अनुसार, यह वायरस तब फैलता है जब आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं। लिपस्टिक टेस्टर के मामले में, अगर किसी संक्रमित व्यक्ति ने उसे पहले इस्तेमाल किया हो, तो वायरस उस लिपस्टिक की सतह पर बना रहता है। जब दूसरा व्यक्ति उसे लगाता है, तो वह आसानी से उसके शरीर में प्रवेश कर जाता है।
हर्पीज एक बहुत ही आम लेकिन जिद्दी वायरस है। एक बार शरीर में जाने के बाद यह पूरी तरह खत्म नहीं होता, बस इसके लक्षण आते-जाते रहते हैं।
HSV-1: यह ज्यादातर ओरल कॉन्टैक्ट (मुंह के जरिए) फैलता है। इससे होंठों के आसपास दर्दनाक छाले या घाव हो जाते हैं।
HSV-2: यह अक्सर यौन संपर्क से फैलता है और जेनिटल एरिया में संक्रमण पैदा करता है।
डर्मेटोलॉजिस्ट एक्सपर्ट डॉ. ख्याति सिडापरा के अनुसार, मॉल या दुकानों में रखे लिपस्टिक टेस्टर का इस्तेमाल आपकी सेहत के लिए बड़ा जोखिम बन सकता है। डॉ. ख्याति ने बताया कि हर्पीज वायरस संक्रमित लार या त्वचा के संपर्क से बहुत तेजी से फैलता है, इसलिए कभी भी कॉमन टेस्टर को सीधे होंठों पर न लगाएं। अपनी खूबसूरती और सेहत को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा अपनी पर्सनल लिपस्टिक का ही उपयोग करें, उसे किसी के साथ शेयर न करें और होंठों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत Double-Dipping की होती है। यानी एक ही एप्लीकेटर को बार-बार इस्तेमाल करना। जब कई लोग एक ही प्रोडक्ट को छूते हैं, तो उनकी त्वचा के बैक्टीरिया और वायरस उस प्रोडक्ट में चले जाते हैं।
WHO के अनुसार दुनिया की 2/3 आबादी (करीब 66%) हर्पीज सिम्प्लेक्स वायरस टाइप-1 (HSV-1) से संक्रमित है। रिपोर्ट बताती है कि यह वायरस मुख्य रूप से ओरल-टू-ओरल यानी मुंह के जरिए संपर्क में आने से फैलता है। यही कारण है कि जब कोई व्यक्ति स्टोर में रखा कॉमन लिपस्टिक टेस्टर अपने होंठों पर लगाता है, तो वह सीधे इस वायरस को न्योता दे रहा होता है। एक बार शरीर में जाने पर यह कभी खत्म नहीं होता और होंठों पर दर्दनाक छाले पैदा करता है। इसलिए मॉल में हमेशा डिस्पोजेबल एप्लीकेटर ही इस्तेमाल करें।
अगर कभी लिपस्टिक लगाने के बाद आपको होंठों पर खुजली, जलन या छोटे दाने दिखें, तो घबराएं नहीं।