स्वास्थ्य

Woman Heart Attack Risk : 40 की उम्र वाली महिलाओं में हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ाता है पीरियड्स से जुड़ा ये कारण

Woman Heart Attack Risk at 40 age : महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाला एक नया कारण JAMA Cardiology शोध में सामने आया है। ये कारण पीरियड्स (अर्ली मेनोपॉज) से जुड़ा है।

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Apr 09, 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- Gemini AI)

Woman Heart Attack Risk at 40 age : महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाला एक नया कारण JAMA Cardiology शोध में सामने आया है। ये कारण पीरियड्स (अर्ली मेनोपॉज) से जुड़ा है। अगर किसी महिला को अर्ली मेनोपॉज होता है तो वो 40 फीसद तक हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है। ये पूरे जीवन तक बना रहता है।

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अर्ली मेनोपॉज से हार्ट अटैक का खतरा : शोध

जामा कार्डियोलॉजी पर प्रकाशित शोध (मार्च 2026) के अनुसार, यूएस की करीब 10 हजार महिलाओं के हेल्थ को लेकर आकलन किया गया। स्टडी में पाया गया कि जिन महिलाओं को 40 या उससे कम उम्र में मेनोपॉज होता है तो उनमें दिल की बीमारी का खतरा (coronary heart disease) बढ़ा देता है। जबकि, जिन महिलाओं में देरी से मेनोपॉज होता है उनमें रिस्क कम होता है।

VIDEO : देरी से Menopause दिल के लिए अच्छा

हृदय रोग विशेषज्ञ का कहना

एडवोकेट हेल्थ केयर की हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गेल सबालिउस्कास कहती हैं,

"मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव, विशेष रूप से एस्ट्रोजन का कम स्तर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है। हॉट फ्लैशेस (अचानक गर्मी लगना) और रात में पसीना आने जैसे सामान्य लक्षणों को उच्च रक्तचाप और शुगर को पचाने में होने वाली कठिनाई से जोड़ा गया है, ये दोनों ही हृदय पर दबाव डाल सकते हैं। नींद की समस्या और अवसाद, जो मेनोपॉज के दौरान अधिक सामान्य हैं, धमनियों में कैल्शियम के जमाव से जुड़े होते हैं, जो हृदय रोग का एक संकेत है।"

डॉ. सबालिउस्कास कहती हैं, "अच्छी खबर यह है कि समय पर इलाज से इनमें से कुछ जोखिमों को कम किया जा सकता है। कुछ महिलाओं के लिए, मेनोपॉज की शुरुआत के आसपास हार्मोन थेरेपी शुरू करने से भविष्य में दिल के दौरे के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। इसीलिए उपलब्ध विकल्पों के बारे में स्वास्थ्य सेवा प्रदाता (डॉक्टर) के साथ खुलकर बातचीत करना महत्वपूर्ण है।"

उच्च रक्तचाप और प्रीडायबिटीज जैसी स्थितियां आम

शोध यह भी बताते हैं कि मेनोपॉज के दौरान वजन बढ़ना, उच्च रक्तचाप और प्रीडायबिटीज जैसी स्थितियां अधिक आम हो जाती हैं। उन महिलाओं के लिए ये जोखिम और भी अधिक बढ़ जाते हैं जो सामान्य से पहले मेनोपॉज का अनुभव करती हैं।

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Published on:
09 Apr 2026 01:42 pm
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