स्वास्थ्य

सांप जैसा शरीर! दुर्लभ बीमारी का पहला मरीज बना रायपुर का 19 वर्षीय युवक, डॉक्टर से जानें X-linked Ichthyosis क्या होता है

X-linked Ichthyosis: रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में एक 19 साल का लड़का भर्ती हुआ है, जिसकी दोनों किडनी भी खराब हो चुकी हैं, युवक एक ऐसी बीमारी से पीड़ित है जिसने ने डॉक्टरों के होश उड़ा दिए हैं। उसका शरीर सांप की केंचुली जैसा सख्त हो गया है और खाल मछली के छिलकों की तरह!

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Apr 21, 2026
X-linked Ichthyosis , snake boy case, rare disease
X-linked Ichthyosis (Image- gemini)

X-linked Ichthyosis: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर आई है। एक 19 साल का युवक दुर्लभ बीमारी की चपेट में है। जिसे देखकर लगता है जैसे किसी इंसान के शरीर पर सांप की खाल चढ़ा दी गई हो। मरीज की हालत इतनी नाजुक है कि उसकी खाल ही नहीं, बल्कि शरीर के अंदरूनी अंग जैसे किडनी और दिल (Heart) पर भी इस बीमारी ने हमला कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि पूरी दुनिया के मेडिकल रिकॉर्ड्स में इस तरह का यह पहला मामला हो सकता है।

आइए डॉक्टर तनवी वैद्य (त्वचा विशेषज्ञ) से जानते हैं कि ये क्या होता है? इसके कारण और लक्षण भी नीचे समझेंगे-

क्या होता है X-linked Ichthyosis?

आसान शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी जेनेटिक बीमारी है जिसमें शरीर की पुरानी चमड़ी (Dead Skin) झड़ नहीं पाती। आम इंसान की पुरानी खाल अपने आप निकलती रहती है और नई आती रहती है, लेकिन इस मरीज के शरीर में वो पुरानी खाल जमती गई और सख्त होकर सांप या मछली के छिलकों जैसी काली और मोटी परत बन गई।

X-linked Ichthyosis के कारण क्या होते हैं? (Cause)

  • शरीर में क्लीनर की कमी होना।
  • मां से बेटे को मिलने वाली बीमारी (Genetic Link)।
  • स्किन सेल्स का आपस में अधिक जुड़ाव होना।
  • अंगों पर असर का कारण।

एक्स लिंक्ड इचथियोसिस के लक्षण क्या होते हैं? (X-linked Ichthyosis Symptoms)

  • हाथ और पैरों पर काले रंग की पपड़ी जम जाना।
  • त्वचा में सूखापन होना।
  • किडनी खराब होना औ शरीर में सूजन आना।
  • सांस लेने में परेशानी होना।

X-linked Ichthyosis से बचाव के क्या उपाय है? (Prevention)

  • त्वचा को नरम रखना।
  • साफ-सफाई से रहना।
  • किडनी और दिल की जांच करवाते रहें।
  • तेज धूप से बचकर रहें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
21 Apr 2026 09:33 am