
Christopher Nolan The Odyssey movie: सिनेमा की दुनिया में जब भी हॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर क्रिस्टोफर नोलन (Christopher Nolan) का नाम आता है, तो दर्शकों के दिमाग में टाइम ट्रेवल, स्पेस और उलझी हुई दिमागी कहानियां घूमने लगती हैं। लेकिन इस बार नोलन अपनी अगली बड़ी फिल्म 'द ओडिसी' (The Odyssey) के जरिए एक ऐसी कहानी बड़े पर्दे पर लाए हैं, जो लगभग 3,000 साल पुरानी है। होमर का यह प्राचीन ग्रीक महाकाव्य भले ही एक बिल्कुल अलग सभ्यता से आता हो, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि रामायण और महाभारत जैसी महान गाथाएं पढ़कर बड़े हुए भारतीय दर्शकों को यह कहानी बिल्कुल अपनी और जानी-पहचानी सी लग सकती है। आइये जानते हैं आखिर ऐसा क्यों कहा जा रहा है और क्या है वो समानताएं....
घर से बिछड़ा हुआ एक महानायक, सालों-साल का लंबा और कड़ा देश निकाला (वनवास), राक्षसों और जादुई ताकतों से भरा एक बेहद खतरनाक सफर, इंसानों की जिंदगी में दखल देते भगवान और घर पर अपने नायक का बेसब्री से इंतजार करता एक परिवार... कुछ जाना-पहचाना सा लगा न?
यही वो भावनाएं और परिस्थितियां हैं, जो 'द ओडिसी', 'रामायण' और 'महाभारत' को एक ही धागे में पिरोती हैं। हालांकि, इन तीनों महाकाव्यों में कोई सीधा ऐतिहासिक संबंध नहीं है और न ही इस बात का कोई सबूत है कि होमर ने भारतीय ग्रंथों से कुछ लिया था। रामायण और महाभारत जहां भारत की गहरी धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़े पवित्र ग्रंथ हैं, वहीं 'द ओडिसी' ग्रीक पौराणिक कथाओं पर आधारित एक महान साहित्यिक कृति है। फिर भी, जब हम इन्हें साथ रखते हैं, तो इनकी समानताओं को नजरअंदाज करना नामुमकिन हो जाता है।
इन कहानियों का सबसे भावुक पहलू है— पीछे छूटे लोगों का इंतजार। ओडीसियस की पत्नी पेनेलोप 20 साल तक उसका इंतजार करती है, सीता का पूरा जीवन राम से जुदाई और संघर्ष में बीतता है, और द्रौपदी व कुंती पांडवों के वनवास का दर्द झेलती हैं। इसके अलावा, राजा की गैर-मौजूदगी में साम्राज्य पर जो संकट आता है, वह भी तीनों कहानियों में एक जैसा ही है।भले ही ओडीसियस अपनी चालाकी के लिए जाने जाते हों, राम अपने 'धर्म' के लिए और पांडव नैतिक उलझनों के लिए- लेकिन इन सब का मूल संदेश एक ही है।