Mangal Rahu Yuti 2026: 23 फरवरी को मंगल का कुंभ राशि में गोचर होने जा रहा है, जहां पहले से राहु मौजूद हैं, जिससे शक्तिशाली युति बनेगी। इस ग्रह संयोग का असर कुछ राशियों के लिए तनाव और उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है, जानें कब तक रहेगा इसका प्रभाव।
Mangal Rahu Yuti 2026: 23 फरवरी 2026 को ग्रहों के सेनापति मंगल कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं, जहां पहले से ही राहु, सूर्य, बुध और शुक्र विराजमान हैं। इस कारण कुंभ राशि में शक्तिशाली ग्रह संयोग बनने जा रहा है। ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा और आक्रामकता का कारक माना जाता है, जबकि राहु अचानक घटनाओं और भ्रम की स्थिति पैदा करने वाला ग्रह है। शनि की राशि कुंभ में मंगल-राहु की युति कई राशियों के लिए तनाव और अस्थिरता बढ़ा सकती है। ज्योतिषविदों के अनुसार इस दौरान क्रोध, विवाद और निर्णय संबंधी गलतियां बढ़ने की आशंका रहेगी। ऐसे में कुछ राशियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
23 फरवरी 2026 को मंगल कुंभ राशि में प्रवेश करेगा और वहीं राहु के साथ युति बनाएगा। ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस और आक्रामकता का ग्रह माना जाता है, जबकि राहु को छाया और भ्रम का कारक कहा जाता है।जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो वातावरण में अस्थिरता और मानसिक बेचैनी बढ़ सकती है। इस युति का प्रभाव 2 अप्रैल 2026 तक बना रहेगा। इस अवधि में खासतौर पर मेष, मकर और मीन राशि के जातकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
मेष राशि के लोगों के लिए यह समय थोड़ा उथल-पुथल भरा रह सकता है। अचानक खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे बजट बिगड़ सकता है। आमदनी सामान्य रहेगी, लेकिन खर्चों में बढ़ोतरी तनाव दे सकती है।परिवार में छोटी-छोटी बातों पर चिंता का माहौल बन सकता है। कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें, लापरवाही नुकसान करा सकती है। करियर में भी उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें।स्वास्थ्य के मामले में सिरदर्द, ब्लड प्रेशर या तनाव जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। नियमित दिनचर्या और शांत व्यवहार इस समय सबसे बड़ा सहारा साबित होगा।
मकर राशि वालों के लिए यह युति आर्थिक मामलों में सतर्कता का संकेत दे रही है। धन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें। किसी को उधार देने या नया निवेश करने से पहले अच्छी तरह विचार कर लें।कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, जिससे मानसिक दबाव महसूस होगा। निजी जीवन में भी गलतफहमियां पनप सकती हैं, खासकर दांपत्य संबंधों में संवाद की कमी तनाव बढ़ा सकती है।पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं दोबारा परेशान कर सकती हैं, इसलिए नियमित जांच और सावधानी जरूरी है। धैर्य और संयम से यह समय आसानी से पार किया जा सकता है।
मीन राशि के जातकों के लिए यह समय भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। परिवार में मतभेद या गलतफहमियां उभर सकती हैं। गुस्सा और अहंकार बढ़ने से बात बिगड़ सकती है, इसलिए शब्दों का चयन सोच-समझकर करें।जीवनसाथी के साथ संवाद की कमी विवाद का कारण बन सकती है। ऐसे में खुलकर बात करना और एक-दूसरे को समझने की कोशिश करना जरूरी होगा।मानसिक बेचैनी से बचने के लिए ध्यान, प्रार्थना या सकारात्मक गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करें। यह समय धैर्य और समझदारी से संभाला जा सकता है।