
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बाढ़ ज़िंदगियां निगलने को उतारू है। इस दुख की घड़ी में मीडिया चैनलों में वहां के हालत की पल-पल की खबर आ रही है। ख़बरों में बताया जा रहा है कि कौन से इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं? जान-माल के क्या हालात हैं। अपने लोगों को खोने वाले लोगों की चीख पुकार बीते कुछ दिनों से मीडिया चैनलों में दिखाई जा रही है जो परेशान करने वाली है। वहीं इस दुविधा में कुछ ऐसी भी ख़बरें हैं जो दिल को सुकून देती हैं और बताती हैं कि इंसानियत अभी भी ज़िंदा हैं।
खबरों के मुताबिक, सांगली के पास महाराष्ट्र का शहर इचलकरंजी भीषण बाढ़ से पीड़ित है। यहां के मुस्लिम स्वयंसेवकों ने यहां के प्रसिद्ध मंदिरों को साफ करने की मुहीम चलाई है। इचलकरंजी वही जगह है जहां 10 साल पहले कई सांप्रदायिक दंगे हुए थे। गहरा ज़ख्म झेलने के बाद भी आज यहां के रहने वाले कठिन परिस्थिति में पीड़ित लोगों के साथ खड़े हैं।
इस मुहिम से पता चला है कि इंसानों को स्वछता को सबसे ऊपर रखना चाहिए- अपने आस-पास की सफाई भगवान की पूजा करने के समान पवित्र है। साथ ही इस मुहिम से ये भी बात साफ़ हो जाती है कि इन स्वयंसेवकों ने हिंदू और मुस्लिम देवताओं के बीच भेदभाव नहीं किया।