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एक बार वैक्सीन लेने के बाद 2 साल तक रहेगा असर, छू नहीं सकेगा Coronavirus: रूस का दावा

-Coronavirus: दुनिया में कोरोना संक्रमितों ( Covid-19 Virus ) की संख्या 2 करोड़ 10 लाख के पार पहुंच चुकी है। -कोरोना वायरस के इलाज ( Covid-19 Vaccine ) के लिए वैज्ञानिक और डॉक्टर्स लगातार रिसर्च कर रहे हैं। -वहीं, रूस ने 'स्पूतनिक वी' नामक वैक्सीन ( Russia Covid-19 Vaccine ) बनाई है। -रूस ने दावा किया है कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और असरदार है। -इसी बीच अब रूस के एक अधिकारी ने वैक्सीन को लेकर दावा किया है कि इस दवा का असर कम से कम दो साल तक रहता है।

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Aug 14, 2020
russia claim covid vaccine protect at least 2 years from infection
एक बार वैक्सीन लेने के बाद 2 साल तक रहेगा असर, छू नहीं सकेगा Coronavirus: रूस का बड़ा दावा

नई दिल्ली।
coronavirus दुनिया में कोरोना संक्रमितों ( COVID-19 virus ) की संख्या 2 करोड़ 10 लाख के पार पहुंच चुकी है। जबकि, 7 लाख 58 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना वायरस के इलाज ( Covid-19 Vaccine ) के लिए वैज्ञानिक और डॉक्टर्स लगातार रिसर्च कर रहे हैं। वहीं, रूस ने 'स्पूतनिक वी' नामक वैक्सीन ( Russia Covid-19 Vaccine ) बनाई है। रूस ने दावा किया है कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है और असरदार है। हालांकि, रूस के इस दावे पर कई देश सवाल खड़े कर रहे हैं। इसी बीच अब रूस के एक अधिकारी ने वैक्सीन को लेकर दावा किया है कि इस दवा का असर कम से कम दो साल तक रहता है।

दो साल तक नहीं होगा कोरोना!
रूसी न्यूज एजेंसी टीएसएसएस के मुताबिक, गामालेया अनुसंधान केंद्र के निदेशक अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने कहा, 'रूस की कोरोना वैक्सीन का असर सिर्फ छह महीने या सालभर तक के लिए नहीं होगा, बल्कि यह दो साल तक असर करेगी और वायरस को दूर रखेगी।' यानि कि एक बार वैक्सीन लेने के बाद दो साल तक कोरोना वायरस फिर अटैक नहीं करेगा। रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन का पहला बैच दो सप्ताह के अंदर ही आ जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने बुधवार को कहा, 'कोरोनो वायरस संक्रमण के खिलाफ वैक्सीन के पहले पैकेज अगले दो सप्ताह के अंदर प्राप्त हो जाएंगे।'

कितनी असरदार स्पुतनिक?
रूस ने पहली वैक्सीन बनाने का दावा कर सबको हैरानी में डाल दिया। हालांकि, कई देश इस पर संदेह भी जता रहे हैं। रूस ने इस दवा को स्पुतनिक V नाम दिया है। यह नाम रूस के उपग्रहों पर आधारित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यूएस की हेल्थ एजेंसी के प्रवक्ता तारिक जसारेविक ने कहा कि हम लगातार रूसी हेल्थ अथॉरिटीज के साथ सम्पर्क में हैं, वैक्सीन से संबंधित डब्ल्यूएचओ की संभावित प्री-क्वालिफिकेशन को लेकर बातचीत हो रही है। किसी भी वैक्सीन की प्री-क्वालिफिकेशन में जरूरत के सभी सुरक्षा औऱ क्षमता डाटा की कठोर समीक्षा और मूल्यांकन होना बेहद जरूरी है।

Published on:
14 Aug 2020 05:10 pm