इंदौर

भाजपा विधायक का निकला पसीना, कोर्ट ने पूछा- क्यों न इन्हें जेल भेजा जाए?

MP News: विधायक पटवा से कोर्ट ने पूछा- आप इतने बड़े हो गए हैं कि टीआइ को घर से भगाएंगे। उन्हें वारंट तामील नहीं करने देंगे। आपके खिलाफ 19 स्थायी वारंट है, समझ गए। कोर्ट ने विधायक के वकील से पूछा-क्यों न इन्हें जेल भेजा जाए? आप बताएं। यह सुनते ही पटवा सहम गए। पसीना पोंछते नजर आए।

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Sep 19, 2025
BJP MLA Surendra Patwa
BJP MLA Surendra Patwa (फोटो सोर्स : पत्रिका)

MP News: इंदौर चेक बाउंस मामले में गुरुवार को भोजपुर के भाजपा विधायक सुरेंद्र पटवा की कोर्ट ने लू उत्तार दी। इंदौर के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (एमपी/एमएलए) देव कुमार की कोर्ट में पेश विधायक पटवा(BJP MLA Surendra Patwa) से कोर्ट ने पूछा- आप इतने बड़े हो गए हैं कि टीआइ को घर से भगाएंगे। उन्हें वारंट तामील नहीं करने देंगे। आपके खिलाफ 19 स्थायी वारंट है, समझ गए। कोर्ट ने विधायक के वकील से पूछा-क्यों न इन्हें जेल भेजा जाए? आप बताएं। यह सुनते ही पटवा सहम गए। पसीना पोंछते नजर आए।

दरसअल, विधायक सुरेंद्र पटवा के खिलाफ चेक बाउंस के 19 मामलों में कोर्ट ने स्थाई वारंट जारी किए किए हैं। इसी मामले में उनकी पेशी हुई। उन्हें शाम तक कोर्ट में ही रहना पड़ा। पटवा लंच के बाद करीब 2.30 बजे वकील के साथ कोर्ट में पेश हुए। जैसे ही उनके वकील ने कोर्ट को बताया, आदेश के अनुसार पटवा मौजूद हैं। कोर्ट ने तीखे सवाल शुरू कर दिए।

कोर्ट रूम लाइवः 'इनका शपथ पत्र बनवाओ'

कोर्टः आप इतने बड़े हो गए कि टीआइ को घर से भगाएंगे। वारंट तामील नहीं करने देंगे। आपके खिलाफ 19 स्थायी वारंट है। समझ गए।
कोर्ट विधायक पटवा के वकील से….
क्यों न इन्हें जेल भेजा जाए? बताएं।
पटवा के वकीलः वे कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं।
कोर्टः इनका शपथ-पत्र बनवाओ, जिसमें वर्तमान और स्थाई पता, मोबाइल नंबर सहित सभी जानकारी हो।

कोर्ट उठने तक तीन घंटे रहे पटवा

विधायक पटवा कोर्ट उठने तक करीब तीन घंटे कोर्ट में ही रहे। उन्हें कोर्ट ने बाहर जाने की इजाजत नहीं दी। उनके साथ आए 10 से ज्यादा साथी इस दौरान बाहर रहे। कोर्ट रूम में पटवा को लगी फटकार के बाद उनके साथी बार-बार उन्हें पानी लाकर दे रहे थे। पटवा के वकील अभिनव मल्होत्रा ने बताया, पेशी के बाद विधायक का जमानत बांड भरवाकर रिहा कर दिया गया।

नोटबंदी से हुई हालत

विधायक पटवा ने पत्रिका को बताया, नोटबंदी व कोरोना से कारोबारियों को दिक्कत हुई। हमारा व्यवसाय महिंद्रा एंड महिंदा, पॉलीमर, फार्मा से जुड़ा है। इसमें आर्थिक चुनौतियां आईं। हमने हमेशा भुगतान किया। अभी भी बाध्य हैं। मामले में हाईकोर्ट ने स्टे दिया है। शीर्ष कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जो निर्णय होगा, मानेंगे।

Published on:
19 Sept 2025 09:06 am