
Indore Collector Jan Sunwai: मध्यप्रदेश में इंदौर में कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को उस वक्त एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया जब एक बुजुर्ग महिला को परिजन एंबुलेंस से जनसुनवाई में लेकर पहुंचे। परिवार उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है। परिवार बुजुर्ग महिला को आईसीयू (ICU) एंबुलेंस से करीब 897 किमी का सफर तय कर न्याय की आस में आया था। परिवार का आरोप है उनकी करीब दो करोड़ रुपये की कीमत की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा कर लिया गया है।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले फरहान ने इंदौर पहुंचने पर मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी बुजुर्ग मां गंभीर रूप से बीमार हैं। मां के नाम पर इंदौर के गांधीनगर क्षेत्र में दो प्लॉट हैं, ये प्लॉट वर्ष 1969 में आवंटित किए गए थे और उनका नामांतरण भी मां के नाम पर था, उन प्लॉटों को फर्जी आवंटन पत्र और दस्तावेज बनाकर कुछ लोगों ने जमीन अपने नाम करा ली है। इन जमीनों की कीमत करीब दो करोड़ रुपये है, परिवार लंबे समय से शिकायतें कर रहा है लेकिन न्याय नहीं मिल पा रहा है। अब कलेक्टर की जनसुनवाई में बुजुर्ग बीमार मां को एंबुलेंस से 897 किमी का सफर तय कर आए हैं जिससे कि न्याय मिल सके।
बुजुर्ग महिला के परिजनों व वकील ने कलेक्टर की जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत की है और जमीन वापस दिलाने की मांग की है। पीड़ित परिवार ने कलेक्टर को बताया कि जिन लोगों ने उनकी जमीन के फर्जी दस्तावेज सोसायटी प्रबंधन के साथ मिलीभगत कर बनाए हैं वो उनके ही रिश्तेदार हैं। इन्हीं रिश्तेदारों को उन्होंने बिजनौर शिफ्ट होने से पहले जमीन की देखरेख की जिम्मेदारी दी थी। पीड़ित परिवार के वकील ने बताया कि कलेक्टर ने शिकायत पर जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
पीड़ित परिवार ने कलेक्टर को ये भी बताया है कि वो कई बार शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। परिवार का कहना है कि अब कलेक्टर से न्याय की उम्मीद है। फिलहाल परिवार की नजर प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर है।