इंदौर

Indore RTO का सिस्टम ‘बीमार’, लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस सबकुछ अटका

Indore RTO : बार-बार सर्वर डाउन होने से वाहन मालिक, डीलर और एजेंट परेशान हो रहे हैं। ऐसे में, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, परमिट, फिटनेस, टैक्स जमा करने और स्वामित्व हस्तांतरण कराने वाले जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं।

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Indore RTO
Indore RTO (इंदौर आरटीओ का सर्वर डाउन Photo Source- Patrika)

Indore RTO Server Down :मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में पिछले करीब 15 दिनों से ऑनलाइन सिस्टम और सर्वर की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। हालत ये हैं कि, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीयन, परमिट, फिटनेस, टैक्स जमा करने और स्वामित्व हस्तांतरण जैसे कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। रोजाना बड़ी संख्या में लोग आरटीओ कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन सर्वर की धीमी गति और बार - बार डाउन होने के कारण अधिकांश आवेदकों को निराश होकर बिना काम कराए ही लौटना पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, कई मामलों में दस्तावेजों की जांच और प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अंतिम चरण में सर्वर बंद हो जाता है, जिससे पूरा काम अधूरा रह जाता है। इसके कारण लोगों को दोबारा कार्यालय आना पड़ रहा है। आवेदकों का कहना है कि, घंटों लाइन में लगने के बाद भी काम नहीं हो रहा, जबकि इस समस्या से एजेंट और वाहन डीलर भी लगातार परेशान हो रहे हैं।

सबसे ज्यादा असर रजिस्ट्रेशन पर

सबसे ज्यादा असर नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन पर दिखाई दे रहा है। डीलरों का कहना है कि, रजिस्ट्रेशन में देरी के कारण वाहन डिलीवरी की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ऐसी स्थिति में ग्राहकों के बीच नाराजगी बढ़ रही है। वहीं, परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेज तक बड़ी संख्या में लंबित पड़े हैं, जिससे आर्थिक नुकसान की स्थिति तक बन रही है।

एनआइसी से जुड़ी परेशानी

आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि, समस्या स्थानीय सर्वर की नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) के नेटवर्क और केंद्रीय सिस्टम से जुड़ी हुई है। इस संबंध में कई बार शिकायत और पत्राचार किया जा चुका है, बावजूद इसके अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है। अधिकारी भी सीमित विकल्पों के कारण असहाय नजर आ रहे हैं। ऐसे में अगर जल्द ही सर्वर व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटी तो लंबित आवेदनों का बोझ और बढ़ना तय है। ऐसे में आने वाले दिनों में आरटीओ कार्यालय में भीड़ और परेशानी दोनों बढ़ने की आशंका है। फिलहाल, वाहन मालिकों और आवेदकों को सिस्टम सुधरने का इंतजार है।

Published on:
23 Jun 2026 02:18 pm