
Major Hamza Arif Jaisalmer Accident: राजस्थान के जैसलमेर मुख्यालय के पास गुरुवार देर रात हुए सड़क हादसे में मध्यप्रदेश के इंदौर निवासी मेजर हमजा आरिफ की दर्दनाक मौत हो गई। रोड एक्सीडेंट में परिवार के इकलौते बेटे की जान चले जाने से परिवार में मातम पसरा हुआ है। शुक्रवार को हादसे की खबर लगते ही मेजर के इंदौर के राजेंद्र नगर स्थित घर पर परिवार, रिश्तेदार, समाजजन का आना लगा रहा। इस दौरान पिता मोबाइल पर बेटे की फोटो देखकर उसे याद करते रहे। नम आंखों से वे कहते रहे कि हमारा बेटा समाज का गौरव है।
हादसा गुरुवार देर रात जैसलमेर शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर थईयात आर्मी स्टेशन क्षेत्र में उस समय हुआ, जब सेना की एसयूवी अचानक सड़क पर आए ऊंट से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन चार से पांच बार पलटते हुए करीब 100 मीटर तक घिसटता चला गया। सेना के मेजर हमजा आरिफ (32) अपने दो अन्य अधिकारियों के साथ ड्यूटी पूरी कर आर्मी स्टेशन लौट रहे थे। इसी दौरान आर्मी स्टेशन के समीप अचानक सामने आए ऊंट से उनकी एसयूवी की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में ऊंट की भी मौत हो गई। तीनों घायलों को तत्काल आर्मी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान मेजर हमजा आरिफ की मृत्यु हो गई। हादसे में घायल दोनों अधिकारियों का उपचार जारी है।
83 वर्षीय फकरूद्दीन हमजा ने पत्रिका से चर्चा में होनहार बेटे के समाज का गौरव होने और उसके संघर्ष से जुड़ी बातें बताई। वे कहने लगे हमजा आरिफ परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें है। एक बहन तो लेबर कमिश्नर कार्यालय में कार्यरत हैं। दो बहनें दुबई में रहती हैं। तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा अविवाहित था। हम उसकी आगामी दिसम्बर में शादी करने वाले थे। वह 10 साल से आर्मी में पदस्थ था। सबसे पहले वह लेफ्टिनेंट बना। इसके बाद कैप्टन और फिर बीते ढाई साल से वह मेजर के पद पर था। बेटे का जन्म 8 जनवरी 1995 में हुआ था। उसका बचपन से ही आर्मी में जाने का सपना था। बीई करने के बाद उसने आर्मी की परीक्षा पास की थी। जैसलमेर से पहले व जम्मू में भी कार्यरत रहा।
पिता फकरूद्दीन ने कहा कि बेटा हमजा कहता था कि पापा रिटायर्ड हो जाने के बाद मैं इंदौर में फैक्ट्री डालूंगा और आपके साथ रहूंगा। पिता कहने लगे कि वे स्वयं भी कैट में असिस्टेंट पर्चेस ऑफिसर थे। रिटायर्ड होने के बाद से पत्नी रिहाना के साथ साईंविला अपार्टमेंट धनवंतरी नगर में रहते हैं। वहीं धनवंतरी नगर स्थित परिवार से जैसलमेर मुख्यालय से सेना अधिकारी लगातार फोन से संपर्क कर रहे हैं। परिवार के कुछ सदस्यों ने बताया कि आर्मी अधिकारी ने मेजर हमजा आरिफ के पिता से फोन पर चर्चा की है। वे शुक्रवार को इंदौर आने वाले थे, चूंकि जैसलमेर में हवाई सेवा बंद है। इसलिए मेजर के पार्थिव शरीर को शनिवार को ही अब रोड मार्ग से लाया जाएगा। इसके पहले उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। संभवत: रविवार को इंदौर में सुपुर्द-ए-खाक करेंगे।