इंदौर

सांवेर में 220 केवी पावर ग्रिड में भीषण आग, कई धमाकों में करोड़ों के ट्रांसफार्मर खाक

Massive Fire : इंदौर - उज्जैन हाईवे की जैतपुरा पहाड़ी पर स्थित 220 केवी विद्युत ग्रिड में देर रात धमाके होने से हड़कंप मच गया। 3 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
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Massive Fire
Massive Fire (220 केवी पावर ग्रिड में भीषण आग Photo Source- Input)

Indore News :मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के अंतर्गत आने वाले सांवेर से गुजरने वाले इंदौर-उज्जैन हाईवे पर जैतपुरा पहाड़ी पर स्थित 220 केवी विद्युत ग्रिड में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया। आग इतनी भयावह थी कि, 160 एमवी क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर समेत कई विद्युत उपकरण जलकर खाक हो गए। आग लगने से पहले हुए तेज धमाके ने आसपास के गांवों में दहशत फैला दी, जबकि आसमान छूती लपटें कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देती रहीं।

प्रत्यक्षदर्शी आशीष कुमावत के अनुसार, रात करीब 11 बजे धरमपुरी और आसपास के गांवों में जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। कुछ ही क्षणों बाद जैतपुरा पहाड़ी की ओर से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि पावर ट्रांसफार्मर में आग लगने के बाद उसमें विस्फोट हुआ, जिससे बड़ी मात्रा में ऑयल बाहर निकल आया और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

आग की तपिश इतनी कि पिघल गए लोहे के तार

Massive Fire (220 केवी पावर ग्रिड में भीषण आग Photo Source- Input)

ग्रामीणों के अनुसार, आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि ट्रांसफार्मर के आसपास लगे विद्युत उपकरण भी इसकी चपेट में आ गए। भीषण गर्मी के कारण लोहे के तार तक पिघल गए। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देता रहा, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

इंदौर से पहुंचीं दमकलें, 3 घंटे बाद मिला नियंत्रण

घटना की सूचना मिलते ही बिजली कंपनी के अधिकारियों, फायर ब्रिगेड और पुलिस को अलर्ट किया गया। इंदौर से कई दमकल वाहन और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने के लिए पानी के साथ-साथ बालू और रेत का भी उपयोग किया गया, लेकिन ट्रांसफार्मर में भरे ऑयल के कारण आग लगातार भडक़ती रही। करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चले राहत और बचाव अभियान के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।

करोड़ों का नुकसान, फिर भी नहीं थमी बिजली

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग में 160 एमवी क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर पूरी तरह नष्ट हो गया, जिसकी कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। इसके अलावा अन्य विद्युत उपकरणों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस बड़े हादसे के बावजूद बिजली कंपनी के अधिकारियों की तत्परता से विद्युत आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी गई। वैकल्पिक फीडरों से लाइन जोडकऱ आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिससे क्षेत्र में कहीं भी लंबे समय तक बिजली संकट की स्थिति नहीं बनी।

कारणों की जांच शुरू

घटना के बाद बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। इंदौर ग्रामीण के अधीक्षण यंत्री डी.एन. शर्मा सहित तकनीकी टीम ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी या ट्रांसफार्मर में आंतरिक फॉल्ट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

Published on:
25 Jun 2026 07:55 am