
Indore Minor Girl Trafficking: मध्यप्रदेश के इंदौर में पुलिस ने शहर में एक ऐसी गैंग का खुलासा किया है जो गरीब परिवारों की मजबूरी का फायदा उठाकर नाबालिग लड़कियों की सौदेबाजी किया करते थे। पुलिस ने नाबालिगों की सौदेबाजी कर बेचने और फर्जी शादी कराने वाली गैंग के 4 सदस्यों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बीते दिनों एक 16 साल की नाबालिग के आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर उसकी उम्र 21 साल बताकर 3 लाख रुपये में बेच दिया था। नाबालिग के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश किया।
थाना बाणगंगा पुलिस ने बताया कि एक नाबालिग बालिका के लापता होने की घटना में जांच करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो नाबालिगों को बहला-फुसला कर उनका सौदा कर फर्जी शादी करवा देता था और रुपए, गहने हड़प लेता था। एसीपी रुबीना मिजवानी के मुताबिक पुलिस ने आरोपी संजू उर्फ संजय यादव, निवासी मुसाखेड़ी (मुख्य षड्यंत्रकर्ता), रामविलास उर्फ राकेश यादव निवासी वृंदावन कॉलोनी, संजू पाटीदार निवासी बड़ावदा, जिला रतलाम (दूल्हा) और नंदराम पाटीदार, निवासी बड़ावदा, जिला रतलाम (दूल्हे का पिता) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था जहां से तीन दिन के रिमांड पर पूछताछ के लिए पुलिस को सौंपा गया है।
बाणगंगा में एक नाबालिग बालिका के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच की और बालिका को सुरक्षित परिजन तक पहुंचाते हुए आरोपियों को पकड़ा। इस गिरोह ने 3 लाख में नाबालिग की सौदेबाजी कर वारदात की थी। मुख्य षड्यंत्रकर्ता संजय उर्फ संजू यादव एवं रामविलास उर्फ राकेश यादव ने पीड़िता की आर्थिक स्थिति एवं पारिवारिक मजबूरी का लाभ उठाते हुए उसे शीघ्र धन कमाने तथा मकान खरीदने का लालच दिया था। आरोपियों ने उसे विश्वास दिलाया कि शादी के बाद लाखों रुपए कमाए जाएंगे तथा उसमें से उसे भी हिस्सा देंगे।
महज 16 साल की नाबालिग को 21 साल की दिखाने के लिए आरोपियों ने आधार कार्ड में उसकी जन्मतिथि बदलवाई और फिर फर्जी रिश्तेदार बनकर 3 लाख रुपये में उसकी शादी करा दी थी। एसीपी ने बताया कि इस केस में गिरोह के अन्य सदस्य सोनू बंजारा (महिला), किशोर चौहान, कच्छूलाल गुर्जर, लाल सिंह गुर्जर एवं बाबू दादा फरार हैं। इनकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पूछताछ में अहम खुलासे होने की उम्मीद है।