इंदौर

इंदौर में दिखा मां-बेटे का अटूट प्रेम, मृत्यु के बाद भी निभाया साथ, नेत्रदान से दो जिंदगियों में बिखेरी रोशनी

Eye Donation : बेटे के निधन का सदमा नहीं सह सकीं मां का भी निधन हो गया। परिवार ने शोक की इस घड़ी के बीच मानवता का धर्म निभाते हुए दोनों के नेत्रदान किया। अब दो लोगों की जिंदगी में रोशनी का कारण बने मां - बेटे।

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Eye Donation
Eye Donation (इंदौर में दिखा मां-बेटे का अटूट प्रेम Photo Source- Input)

Indore News :मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बेहद हृदयस्पर्शी घटना में मां और बेटे का ऐसा अटूट प्रेम सामने आया, जिसे मृत्यु भी अलग नहीं कर सकी। पुत्र के आकस्मिक निधन के कुछ समय बाद ही उनकी मां ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबा दिया। लेकिन, परिवार ने विपरीत इस परिस्थितियों में भी मानवता की मिसाल पेश करते हुए दोनों का नेत्रदान कराकर दो जरूरतमंद लोगों के जीवन में उजाला भरने का काम किया है।

जानकारी के अनुसार, स्नेहलता गंज में रहने वाले राजुल शर्मा का अचानक निधन हो गया। पुत्र के असमय चले जाने का आघात हुई उनकी माता किरण शर्मा सहन नहीं कर सकीं और कुछ समय बाद उन्होंने भी अंतिम सांस ली। मां और बेटे का ये रिश्ता जीवन की अंतिम यात्रा तक साथ रहा।

परिवार ने लिया बड़ा फैसला

इस घटना की जानकारी मिलने पर परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों की आंखें नम हो गईं। शोक की इस घड़ी में भी परिवार ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए दोनों का नेत्रदान कराने का निर्णय लिया। परिवार के इस प्रेरणादायक कदम से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिली।

शर्मा परिवार का निर्णय प्रेरणास्रोत

नेत्रदान की प्रक्रिया मुस्कान ग्रुप परमार्थिक ट्रस्ट, इंदौर के सहयोग से कराई गई। ट्रस्ट के अंग एवं देहदान विभाग के संदीपन आर्य ने बताया इस कार्य में जीतू बगानी, नैनी वेदिता गोयल और सुमित ने सहयोग किया। मुस्कान ग्रुप के पदाधिकारियों ने कहा कि नेत्रदान किसी भी व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा दान माना जाता है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों को दृष्टि मिल सकती है। शर्मा परिवार ने जो निर्णय लिया है, वह समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

Published on:
15 Jun 2026 06:27 am