इंदौर

राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंथन… भविष्य की जंग और रणनीति पर गहन चर्चा, एमपी में जुटे देश-विदेश के अफसर

National Security Deliberations : राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंथन... महू में जुटे 160 अफसर, भविष्य की जंग और रणनीति पर गहन चर्चा हुई। सैन्य-नागरिक समन्वय को नई दिशा, तकनीक आधारित युद्ध प्रणाली पर फोकस।

2 min read
राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंथन (Photo Source- Input)

National Security Deliberations : बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के बीच भारत ने 'व्होल ऑफ नेशन एप्रोच' को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल की है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू में स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में 23 मार्च से 5 अप्रैल तक 'स्ट्रेटेजिक फ्यूजन एंड कन्वर्जेंस कैप्सूल' (एसएफसीसी) का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश के करीब 160 मध्य स्तरीय अधिकारी और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

ये आयोजन केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य की युद्ध रणनीतियों और सैन्य-नागरिक सहयोग को नई दिशा देने का मंच बन रहा है। कार्यक्रम के दौरान भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक संघर्षों से मिले सबक और भविष्य की युद्ध प्रणाली में उभरती तकनीकों की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों के व्याख्यान, पैनल डिस्कशन और इंटरएक्टिव सेशन के जरिए प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप रणनीति तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

ये भी पढ़ें

सावधान! सोशल मीडिया पर एक्टिव हुए सेक्सटॉर्शन गैंग, इस तरह लोगों को बना रहे ठगी का शिकार

आर्मी वॉर कॉलेज सैन्य प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र

महू स्थित आर्मी वॉर कॉलेज भारतीय सेना का एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है। इसकी स्थापना 1 अप्रेल 1971 को 'कॉलेज ऑफ कॉम्बैट' के रूप में हुई थी, जिसे 1 जनवरी 2003 को वर्तमान नाम दिया गया। ये संस्थान तीनों सेनाओं के अधिकारियों को उच्च स्तरीय सैन्य प्रशिक्षण प्रदान करता है और रणनीतिक नेतृत्व विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संस्थान की उत्कृष्ट कार्यप्रणाली के लिए हाल ही में 77वें आर्मी - डे समारोह में जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा 'चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ प्रशस्ति' प्रदान की गई। ये सम्मान कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल एचएस साही ने प्राप्त किया।

आत्मनिर्भर भारत और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा

ये कार्यक्रम उद्योग जगत की भागीदारी को बढ़ावा देते हुए 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' पहल को सशक्त करने में भी सहायक साबित होगा। अनुसंधान, नवाचार और स्वदेशी तकनीकी क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत और आत्मनिर्भरता में वृद्धि हो सके। कार्यक्रम में मित्र देशों के अधिकारियों की भागीदारी 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को साकार करती है। यह भारत की वैश्विक सहयोग और सामरिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

खास बातें

-बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के बीच भारत ने 'व्होल ऑफ नेशन एप्रोच' को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल।

-महू में स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में 23 मार्च से 5 अप्रैल तक 'स्ट्रेटेजिक फ्यूजन एंड कन्वर्जेंस कैप्सूल' का आयोजन।

-देश-विदेश के करीब 160 मध्य स्तरीय अधिकारी और विशेषज्ञ जुटे।

-आयोजन सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य की युद्ध रणनीतियों और सैन्य-नागरिक सहयोग को नई दिशा देने का मंच बना।

-

-

ये भी पढ़ें

यहां लाठी लेकर सड़क पर उतर आईं महिलाएं, जाम कर दिया हाईवे, प्रशासन को संभालना पड़ा मोर्चा

Published on:
02 Apr 2026 10:14 am
Also Read
View All

अगली खबर